ब्रिटेन में फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप वाली कंपनी मेटा पर बहुत बड़ा आरोप लगा है. कंपनी ने वादा किया था कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर फर्जी और गैरकानूनी पैसे कमाने वाले विज्ञापन नहीं चलने देगी. लेकिन ब्रिटेन की वित्तीय संस्था FCA की जांच में पता चला कि कंपनी बार-बार इस वादे को तोड़ रही है. रॉयटर्स पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक एक हफ्ते की जांच में मेटा के प्लेटफॉर्म पर 1,052 ऐसे विज्ञापन मिले जो गैरकानूनी थे.
ये विज्ञापन ऐसे थे जिनमें लोग करेंसी ट्रेडिंग या जोखिम भरे निवेश के बारे में झूठे वादे कर रहे थे. इनमें से आधे से ज्यादा (56%) उन लोगों के थे जिन्हें FCA ने पहले ही मेटा को रिपोर्ट कर दिया था. मतलब कंपनी को पहले से पता था, फिर भी उन विज्ञापनों को नहीं रोका.
FCA ने दूसरी बार भी जांच की. फिर भी वही हाल था- कुछ ही लोग बार-बार ऐसे फर्जी विज्ञापन चला रहे थे. FCA कहती है कि मेटा से बात करने के बावजूद कोई खास सुधार नहीं हुआ. मेटा का कहना है कि वह फ्रॉड के खिलाफ पूरी कोशिश कर रही है और ज्यादातर शिकायतों पर जल्दी कार्रवाई करती है. लेकिन FCA और दूसरे लोग कहते हैं कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन बहुत ज्यादा हैं.
ब्रिटेन में फ्रॉड सबसे आम अपराध बन गया है और कई बार स्कैम मेटा से ही शुरू होते हैं. दुनिया भर में मेटा के अरबों यूजर्स फर्जी निवेश, नकली बैंक स्कीम, अवैध जुआ और गलत दवाओं के विज्ञापनों के संपर्क में आ रहे हैं.
ब्रिटेन में एक नया कानून (Online Safety Act) आया है, लेकिन उसका सबसे जरूरी हिस्सा- यानी फर्जी पेड विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई- अभी 2027 तक नहीं आएगा. इसलिए अभी मेटा पर सीधे जुर्माना नहीं लग सकता. एक टेस्ट में Reuters ने खुद एक फर्जी विज्ञापन बनाया जिसमें लिखा था- ‘हर हफ्ते 10% कमाई’. ब्रिटेन में मेटा ने इसे बिना ज्यादा चेक किए चलने दिया. लेकिन ऑस्ट्रेलिया में वही विज्ञापन तुरंत ब्लॉक हो गया, क्योंकि वहां नियम बहुत सख्त हैं और जुर्माना लग सकता है.
उपभोक्ता अधिकारों के लिए काम करने वाले मार्टिन लेविस कहते हैं- ‘यह कोई टेक्नोलॉजी की समस्या नहीं है. यह पैसों की समस्या है. अगर मेटा ज्यादा पैसे खर्च करके स्कैम रोकने लगे, तो स्कैमर कम होंगे. लेकिन कंपनी कम खर्च में ज्यादा कमाना चाहती है.’
कई बैंक (जैसे Revolut) भी कह रहे हैं कि उनके पास आने वाले ज्यादातर फ्रॉड की शिकायतें मेटा से ही आती हैं. एक ग्रुप ने भी जांच की और कहा कि मेटा पर बहुत सारे फर्जी विज्ञापन चल रहे हैं जो लोगों को ठगने के लिए बैंकों के नाम का इस्तेमाल करते हैं. आखिर में ब्रिटेन की सरकार और FCA मेटा से कह रहे हैं- ‘जल्दी और सख्ती से फर्जी विज्ञापनों को रोकिए, ताकि आम लोग सुरक्षित रहें.’ लेकिन अभी कानून कमजोर होने की वजह से समस्या बनी हुई है.
ये मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी विज्ञापनों को रोकना अभी भी बड़ी चुनौती है. जब तक सख्त नियम और उनकी सही तरीके से पालन नहीं होगा, तब तक यूजर्स को सतर्क रहना जरूरी है.





