दिवाली पर आज खुलेगा शेयर बाजार, जानें मुहूर्त ट्रेडिंग का पूरा टाइम-टेबल


70 साल पुरानी है मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा

शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत BSE ने साल 1957 में की थी, जबकि NSE साल 1992 से लगातार इसका आयोजन कर रहा है। पारंपरिक कारोबारी इसे ‘चोपड़ा पूजन’ यानी खाता-बही की पूजा का आधुनिक रूप मानते हैं। पहले व्यापारी दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के साथ अपनी नई लाल बही-खातों की पूजा करते थे। इन्हें ‘चोपड़ा’ कहा जाता था।

डिजिटल दौर में यह परंपरा भी बदल गई है। अब कारोबारी और निवेशक अपने ट्रेडिंग टर्मिनल, लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन पर स्वास्तिक बनाकर या तिलक लगाकर पूजा करते हैं और इसके बाद पहला ट्रेड करते हैं। इस तरह मुहूर्त ट्रेडिंग पारंपरिक पूजा और आधुनिक वित्तीय कारोबार का एक खास मेल बन गई है।



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img