एक्सपर्ट के मुताबिक, बाजार इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या केंद्रीय बैंक फरवरी 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ाएगा या फिर इसे 5.25 प्रतिशत पर ही बनाए रखेगा।
अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि इस बैठक में केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाने का सिलसिला शुरू करेगा।
बैंक ऑफ अमेरिका (बोफा) के अनुसार, एनर्जी की ज्यादा कीमतें, खाने-पीने की चीजीं में महंगाई और कीमतों पर बढ़ते दबाव के कारण, पहले के अनुमान के उलट दिसंबर के बजाय अक्टूबर में ब्याज दरों में 25-आधार अंक की बढ़ोतरी हो सकती है। इन हालात से सख्त पॉलिसी की जरूरत और मजबूत होती है।
बोफा ने कहा, “लगभग दो साल तक मॉनेटरी सपोर्ट (ब्याज दरों में कमी) देने के बाद, ऐसा लगता है कि आरबीआई अक्टूबर की एमपीसी बैठक में पॉलिसी सपोर्ट को धीरे-धीरे कम करने के लिए शुरुआती कदम उठा सकता है। इस कारण अब हमारा मानना है कि आरबीआई अक्टूबर की एमपीसी बैठक में दरों में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी करेगा।”




