Travel GK: भारत की सबसे साफ नदी कौन-सी है? देखें फोटोज


Last Updated:

India’s Cleanest River: देश की लगभग आधी नदियां प्रदूषित हैं, जिसका पानी साफ और पारदर्शी नहीं बल्कि काला नजर आता है. ऐसे में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास डावकी कस्बे में बहने वाली नदी का दृश्य दिल खुश कर देता है. इसे भारत की सबसे साफ नदी भी कहा जाता है.

मेघालय राज्य में बहने वाली उमंगोट नदी में सिर्फ पानी नहीं बल्कि देश की उन नदियों की सच्चाई का स्वरूप दिखता है, जिसमें प्रदूषण के कारण काला पानी बहता है. भारत की सबसे साफ नदी के नाम से पहचानी जानी वाली उमंगोट नदी को डावकी नदी के नाम से जाना जाता है. इसका पानी इतना साफ है, कि इसमें बोटिंग करते वक्त ऐसा प्रतीत होता है जैसे कांच पर तैर रहे हो.

इस नदी में आप बिना तल तक पहुंचे इसके सबसे गहराई में पड़े पत्थर, रह रहे जीवों आसानी से देख सकते हैं. इस तरह का नजारा ब्रेन के लिए किसी थेरेपी से कम नहीं होता है. यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है कि आप वहां किसी भी तरह का कचरा न फैलाएं.

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार, 271 अलग-अलग नदियों में 296 प्रदूषित नदी-हिस्सों की पहचान की है. इसका मतलब है कि देश भर में जिन नदी के हिस्सों की निगरानी की गई, उनमें से लगभग 43% सुरक्षित पानी की गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण है शहरी सीवेज. इसका 60% से ज्यादा हिस्सा बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे भारतीय नदियों में बहता है, जिसमें औद्योगिक कचरा और खेती से निकलने वाला पानी भी शामिल होता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

उमंगोट नदी घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर से अप्रैल तक माना जाता है. इस समय इस नदी का पानी ज्यादा क्रिस्टल क्लियर नजर आता है. साथ ही इस समय में बोटिंग भी चालू रहती है. यदि आप यहां बरसात के मौसम में पहुंचते हैं, तो न आप बोटिंग कर सकते हैं और न ही इस नदी की खूबसूरती को निहार सकते हैं.

ये नदी मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग से 95 किलोमीटर दूर, भारत-बांग्लादेश सीमा के पास डावकी कस्बे में बहती है. यहां आप गुवाहाटी और शिलॉन्ग ट्रेन या फ्लाइट से पहुंचने के बाद टैक्सी से रोड ट्रिप करते हुए आ सकते हैं. डावकी का मुख्य पुल वाला इलाका बहुत मशहूर है, इसलिए यहां काफी भीड़ मिल सकती है. इसलिए अगर आप शांति से घूमना चाहते हैं और उतना ही साफ और शानदार पानी देखना चाहते हैं, तो उसी नदी के किनारे-किनारे 8 किलोमीटर आगे श्नोंगपडेंग गांव पहुंचकर यहां से बोटिंग करें.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img