यूट्यूब पर वीडियो बनाने वाले क्रिएटर्स के लिए कमाई का दायरा और बड़ा हो गया है. अब सिर्फ वीडियो के व्यूज और विज्ञापन से मिलने वाली कमाई पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. YouTube Shopping Affiliate Program में Amazon, AJIO, Meesho, Snapdeal और Tata CLiQ जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जुड़ गए हैं. यानी क्रिएटर अपने वीडियो या Shorts में इन प्लेटफॉर्म के प्रोडक्ट टैग कर सकेंगे और दर्शक उसी लिंक से खरीदारी करता है तो क्रिएटर को कमीशन मिल सकता है.
इसे ऐसे समझिए कि कोई क्रिएटर मोबाइल का रिव्यू कर रहा है या किसी ड्रेस, कॉस्मेटिक, गैजेट या होम प्रोडक्ट के बारे में बता रहा है. अब उसे सिर्फ प्रोडक्ट का नाम बताकर दर्शक को दूसरी वेबसाइट पर भेजने की जरूरत नहीं होगी. वह वीडियो में ही उस प्रोडक्ट को टैग कर सकता है. दर्शक लिंक पर क्लिक करके खरीदारी करता है तो उस बिक्री से क्रिएटर को कमीशन मिलने का रास्ता बनता है. यानी वीडियो अब सिर्फ कंटेंट नहीं, डिजिटल दुकान की तरह भी काम कर सकता है.
2024 में हुई थी शुरुआत
भारत में YouTube Shopping Affiliate Program की शुरुआत 2024 में हुई थी और अब इसके शॉपिंग कैटलॉग का विस्तार किया जा रहा है. Amazon, AJIO और Meesho जैसे नाम जुड़ने के बाद क्रिएटर्स के पास प्रोडक्ट्स की बड़ी रेंज आ जाएगी. इससे खासकर फैशन, ब्यूटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम और लाइफस्टाइल कंटेंट बनाने वालों को अपने वीडियो को कमाई से जोड़ने के ज्यादा मौके मिल सकते हैं. पहले से Flipkart, Myntra, Nykaa, Purplle, Shopsy और Tira जैसे प्लेटफॉर्म भी इस कैटलॉग में शामिल हैं.
पुराने वीडियो में भी टैग करने का मौका
इस प्रोग्राम की खास बात यह है कि क्रिएटर सिर्फ नए वीडियो में ही प्रोडक्ट नहीं जोड़ सकते. योग्य क्रिएटर्स अपने पुराने वीडियो में भी प्रोडक्ट टैग कर सकते हैं. Shorts और लाइवस्ट्रीम में भी प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने की सुविधा है. 500 से ज्यादा सब्सक्राइबर वाले योग्य क्रिएटर्स इस प्रोग्राम के लिए साइन अप कर सकते हैं. भारत में एलिजिबल क्रिएटर्स में से 50 फीसदी से ज्यादा पहले ही YouTube Shopping Affiliate Program से जुड़ चुके हैं और 1.9 करोड़ से ज्यादा वीडियो में प्रोडक्ट टैग किए जा चुके हैं.
डायनामिक ब्रांड की चल रही टेस्टिंग
इसके साथ YouTube Dynamic Brand Segments की टेस्टिंग भी कर रहा है. इसके जरिए क्रिएटर एक साथ 20 लॉन्ग-फॉर्म वीडियो में ब्रांड सेगमेंट जोड़ सकेंगे. इन सेगमेंट्स को लोकेशन के हिसाब से टारगेट किया जा सकेगा और वीडियो में कॉल-टू-एक्शन बटन के साथ इन-बिल्ट शेल्फ भी लगाया जा सकेगा. आसान भाषा में कहें तो यूट्यूब धीरे-धीरे ऐसा प्लेटफॉर्म बन रहा है जहां क्रिएटर वीडियो बनाएंगे, प्रोडक्ट दिखाएंगे और उसी कंटेंट से बिक्री पर कमाई भी कर सकेंगे.




