Independence Day Special: दिल्ली की वो जगहें जो सुनाती हैं आजादी की कहानी, 15 अगस्त पर बच्चों को जरूर घुमाएं


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Historical Places In Delhi:दिल्ली की ये ऐतिहासिक जगहें सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं हैं, बल्कि देश के संघर्ष और बलिदान की जीवंत कहानी भी सुनाती हैं. यदि आप इतिहास को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो इन स्थलों की यात्रा जरूर करें.

देश की राजधानी सिर्फ राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र ही नहीं है, बल्कि यहां आजादी की लड़ाई से जुड़ी कई महत्वपूर्ण धरोहरें भी मौजूद हैं. स्वतंत्रता दिवस या किसी भी छुट्टी के दौरान इन जगहों की यात्रा आपको इतिहास से जोड़ने के साथ-साथ प्रेरणा भी देगी. यदि आप बच्चों, परिवार या दोस्तों के साथ एक नॉलेज ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो दिल्ली के ये स्मारक और संग्रहालय आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं.

राजघाट महात्मा गांधी को समर्पित स्मारक है. यमुना नदी के किनारे स्थित यह स्थान बेहद शांत और सुंदर है. यहां लोग राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देने और उनके विचारों को याद करने आते हैं. यहां आप बापू के चरखे, पत्र जैसे बहुत ही पर्सनल चीजों को देख सकते हैं.

गांधी स्मृति पहले बिरला हाउस के नाम से जानी जाती थी. महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अंतिम 144 दिन यहीं बिताए थे. 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने यहीं उनकी हत्या कर दी थी. आज यह एक संग्रहालय है, जहां गांधीजी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन और उनके सिद्धांतों से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें, दस्तावेज और वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं. यहां वह स्थान भी सुरक्षित रखा गया है जहां गांधीजी ने अंतिम सांस ली थी.

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तीन मूर्ति भवन भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का आधिकारिक निवास था. 1964 में नेहरू जी के निधन के बाद इसे संग्रहालय में बदल दिया गया. यहां नेहरू के निजी जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका और आधुनिक भारत के निर्माण से जुड़ी कई जानकारियां मिलती हैं. परिसर में एक विशाल पुस्तकालय और शोध केंद्र भी मौजूद है, जहां इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे गए हैं.

लाल किला सिर्फ एक ऐतिहासिक स्मारक नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की कई यादों का गवाह भी है. यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय, आईएनए संग्रहालय और आजादी की लड़ाई से जुड़ी कई प्रदर्शनियां मौजूद हैं.

यह स्मारक उन क्रांतिकारियों को समर्पित है जिन्हें 1912 के हार्डिंग बम कांड में शामिल होने के कारण फांसी दी गई थी. मास्टर अमीर चंद, भाई बालमुकुंद और अवध बिहारी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की याद में यह स्थल बनाया गया. यहां पहुंचकर देश के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया जा सकता है.

यह स्मारक उन क्रांतिकारियों की याद में बनाया गया है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. यहां पहुंचकर उनके बलिदान को याद किया जा सकता है.

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