स्मार्ट बोर्ड का संतुलित इस्तेमाल जरूरी
बयान में कहा गया, ‘‘स्मार्ट और डिजिटल बोर्ड शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के पूरक माध्यम हैं, लेकिन इनके लगातार और अनावश्यक इस्तेमाल से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, पढ़ाई, खेलकूद तथा अन्य गतिविधियों पर असर नहीं पड़ना चाहिए। प्रशासन ने कहा कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से विद्यार्थियों में आंखों पर दबाव, निकट दृष्टिदोष, सिरदर्द, एकाग्रता में कमी तथा अन्य शारीरिक एवं व्यवहार संबंधी समस्याओं की आशंका बढ़ सकती है।
दिशानिर्देशों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में स्मार्ट एवं डिजिटल बोर्ड का ‘‘सीमित, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण इस्तेमाल’’ करने को कहा गया है। प्रशासन ने विद्यालयों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि प्राथमिक कक्षाओं में ‘स्क्रीन टाइम’ 30 मिनट और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में यह 60 मिनट से अधिक न हो।




