अमेरिका के जंग का जोश उतरा, अब हकीकत सामने, पेंटागन का हथियार कंपनियों को 21 दिन का अल्टीमेटम


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अमेरिका के जंग का जोश उतरा, पेंटागन का हथियार कंपनियों को 21 दिन का अल्टीमेटम

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ईरान के साथ युद्ध ने अमेरिका के रक्षा भंडार पर गंभीर दबाव डाल दिया है. पेंटागन ने डिफेंस कंपनियों को 21 दिन में उत्पादन बढ़ाने की योजना देने को कहा है. पैट्रियट और THAAD मिसाइलों का स्टॉक तेजी से घटा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक ठोस कॉन्ट्रैक्ट नहीं हुए हैं. कांग्रेस में अटका रक्षा बजट भी इस संकट को और गहरा कर सकता है.

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थाड-पैट्रियट का प्रोडक्शन बढञाने को कहा गया.

ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका के सामने अब हथियारों की कमी का गंभीर संकट उभरता दिख रहा है. अमेरिका के पास अब जो हथियार हैं वो इतने कम हैं कि अगर चीन-रूस साथ में हमला कर दें तो शायद ट्रंप की सेना के लिए संभालना मुश्किल हो जाए. पेंटागन ने रक्षा कंपनियों को उत्पादन तेज करने के लिए 21 दिन की समयसीमा तय की है, जो हालात की तात्कालिकता को दिखाता है. वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, डिप्टी रक्षा मंत्री स्टीव फाइनबर्ग ने एक मेमो में डिफेंस इंडस्ट्री को निर्देश दिया है कि वे 21 दिनों के भीतर ऐसे प्रस्ताव दें, जिनसे हथियारों की डिलीवरी तेजी से हो सके और उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सके. उन्होंने स्पष्ट लिखा कि ‘सालों लंबे डेवलपमेंट साइकल अब स्वीकार्य नहीं हैं’ और ‘प्रोग्राम शेड्यूल को तेजी से आगे बढ़ाना और उत्पादन क्षमता बढ़ाना जरूरी है’.

अमेरिका का के पास कितने THAAD और पैट्रियट

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान युद्ध के कारण अमेरिका के प्रमुख हथियार भंडार पर दबाव बढ़ गया है. पेंटागन पैट्रियट और टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस यानी THAAD इंटरसेप्टर जैसे महत्वपूर्ण सिस्टम के स्टॉक को फिर से भरने की कोशिश कर रहा है. सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के आंकड़ों के मुताबिक, पैट्रियट मिसाइलों का वैश्विक भंडार युद्ध से पहले करीब 2200 था, जो घटकर 827 से कम रह गया है. इसी तरह THAAD का स्टॉक 452 से घटकर 278 से कम हो गया है.

कॉन्ट्रैक्ट पर क्या बोले एक्सपर्ट्स

पेंटागन ने उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़ी डिफेंस कंपनियों और टेक्नोलॉजी फर्म्स के साथ फ्रेमवर्क एग्रीमेंट किए हैं, लेकिन ये समझौते बाध्यकारी नहीं हैं और इनका क्रियान्वयन कांग्रेस से मिलने वाले फंड पर निर्भर करता है. सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट के निदेशक टॉम कराको ने कहा, ‘लगभग कुछ भी कॉन्ट्रैक्ट नहीं हुआ है, और यही समस्या है’. उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि उत्पादन बढ़ाने की योजनाएं अभी शुरुआती स्तर पर ही हैं. पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने फाइनबर्ग के मेमो की पुष्टि करते हुए कहा कि यह दस्तावेज 2028 के वित्तीय वर्ष के बजट को आकार देने में मदद करेगा और अमेरिका के रक्षा औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों के अनुरूप है. इस बीच 1.15 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा खर्च बिल अभी भी अमेरिकी कांग्रेस में लंबित है. इसके कारण हथियार उत्पादन बढ़ाने की योजनाओं में देरी हो सकती है, जिससे मौजूदा स्थिति और चुनौतीपूर्ण बन सकती है.

ईरानी राष्ट्रपति ने क्या कहा?

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने साफ-साफ ऐलान कर दिया है कि मुल्क पीछे हटने वालों में नहीं है और लड़ाई से डरने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के फैसलों पर पूरी निष्ठा जताते हुए कहा कि जो भी फैसला लिया जाएगा, वे आखिर तक उसके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे. पेज़ेश्कियन ने शहादत को अपनी सबसे बड़ी तमन्ना बताते हुए कहा कि देश के लिए हर मुश्किल सहने को तैयार हैं और आखिरी सांस तक पीछे नहीं हटेंगे. साथ ही उन्होंने जनता को आगाह किया कि युद्ध जैसे हालात में अमेरिका और यूरोप तक में महंगाई बढ़ती है, ऐसे में ईरान को भी किल्लत और कठिन दौर के लिए तैयार रहना होगा.

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Yogendra Mishra

Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…

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