यह बिल अभी ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग की समीक्षा में है। इस बिल से इतर, ईरान स्ट्रेट के जरिए कमर्शियल शिपिंग को लेकर ओमान के साथ बातचीत कर रहा है। इससे पहले जो बिल पेश किया गया था, उसमें यह प्रावधान था कि अमेरिका, इजरायल और ईरान जिन अन्य देशों को दुश्मन मानता है, उनके जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने पर रोक लगा दी जाएगी।
फार्स न्यूज के अनुसार, नए प्रस्ताव में दायरा बढ़ा दिया है। इसमें कहा गया कि इजरायली जहाजों और दूसरे देशों और कंपनियों से जुड़े मिलिट्री या सिविलियन कार्गो को भी मुआवजा मिलने तक ट्रांजिट से रोक दिया जाएगा। फार्स न्यूज ने कहा कि पाबंदियों का उल्लंघन करने पर जहाज के कार्गो की कीमत का 20 फीसदी तक जुर्माना लगाया जाएगा।




