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Trump VS Hegseth: ईरान के साथ संभावित बड़े युद्ध की तैयारियों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच तीखी बहस की खबर सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने आरोप लगाया कि उन्हें अमेरिका के मिसाइल भंडार की सही जानकारी नहीं दी गई. हालांकि व्हाइट हाउस और पेंटागन ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप और पीट हेगसेथ.
US Missile News: ईरान के साथ तनाव के बीच व्हाइट हाउस में ही सब कुछ ठीक नहीं चल रहा. एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार बड़े हमलों की चेतावनी दे रहे हैं, दूसरी तरफ खबर है कि उन्होंने अपने ही रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को मिसाइल भंडार की सही जानकारी नहीं देने पर फटकार लगा दी. इसी बीच अमेरिका के सबसे अहम एयर डिफेंस सिस्टम की मिसाइलें तेजी से खत्म होने की रिपोर्ट ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटनाक्रम पिछले हफ्ते कैंप डेविड में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान हुआ. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने हेगसेथ से कहा कि उन्हें लगा था लंबी दूरी की मिसाइलों और इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी की समस्या पहले ही दूर कर ली गई है. रिपोर्ट के अनुसार जब इस मुद्दे पर सवाल उठे तो हेगसेथ ने इसकी जिम्मेदारी अपने डिप्टी स्टीफन फीनबर्ग पर डाल दी.
अमेरिका का मिसाइल जखीरा कितना खाली?
इसी बीच CNN की रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका अपने THAAD बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर का करीब 80 प्रतिशत और पैट्रियट इंटरसेप्टर का करीब 50 प्रतिशत इस्तेमाल कर चुका है. रिपोर्ट में कहा गया कि मौजूदा भंडार अब ‘खतरनाक रूप से कम’ स्तर पर पहुंच गया है. ऐसे समय में यह चिंता और बढ़ जाती है क्योंकि ईरान के खिलाफ बड़े हमले दोबारा शुरू होने की आशंका बनी हुई है.
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
रिपोर्ट सामने आने के बाद व्हाइट हाउस और पेंटागन दोनों ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, ‘यह 100 प्रतिशत फेक न्यूज है. ऐसा कुछ हुआ ही नहीं. राष्ट्रपति ट्रंप को रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर पूरा भरोसा है.’ पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने भी कहा कि हेगसेथ ने किसी को गुमराह नहीं किया और न ही अपने डिप्टी पर कोई दोष मढ़ा. उन्होंने कहा कि मिसाइल भंडार खत्म होने, आंतरिक मतभेद और ईरान को लेकर रक्षा मंत्री की स्थिति से जुड़ी सभी खबरें काल्पनिक हैं.
ट्रंप मीडिया पर बरसे
रिपोर्ट के बाद खुद डोनाल्ड ट्रंप भी सामने आए. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ‘बड़ी मात्रा में’ हथियार और गोला-बारूद मौजूद हैं. साथ ही दावा किया कि जरूरत के मुताबिक नए हथियार बनाए और भेजे जा रहे हैं. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर मीडिया रिपोर्टों पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त मिसाइलें हैं और जो लोग इसके उलट बातें फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
ईरान पर रणनीति को लेकर भी मतभेद?
NBC न्यूज की एक अलग रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रंप प्रशासन के भीतर ईरान को लेकर भी स्पष्ट रणनीति नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति के सलाहकारों के बीच इस बात पर सहमति नहीं बन पा रही कि अंतिम लक्ष्य क्या होना चाहिए. क्या मकसद सिर्फ ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है, होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाना है या फिर ईरान के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना है. इस पर प्रशासन के भीतर अलग-अलग राय बताई गई है. एक अमेरिकी अधिकारी ने NBC से कहा, ‘हमें सामरिक स्तर पर कुछ जीत मिली हैं, लेकिन साफ नीति नहीं होने की वजह से हम रणनीतिक हार की ओर बढ़ रहे हैं.’ वहीं ट्रंप के एक करीबी ने दावा किया कि राष्ट्रपति इस बात से परेशान हैं कि ईरान के साथ समझौता उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल साबित हो रहा है.
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Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…
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