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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाने पर सरकार ने नकेल कसी तो फेसबुक-इंस्टाग्राम चलाने वाली कंपनी मेटा के मालिक ने माफी मांग ली. बुधवार को सरकार और META के अधिकारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें मेटा अधिकारियों ने सरकार को बताया कि खुद जुकरबर्ग ने खेद जताया है.
पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी.
फेसबुक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े वीडियो हटाने पर META के मालिक मार्क जुकरबर्ग ने माफी मांग ली है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि बुधवार को मेटा के अधिकारी सरकार के सामने पेश हुए. सरकार ने साफ कह दिया कि मनमानी नहीं चलने वाली है, आपको जवाब देना ही होगा. इसके बाद अधिकारियों ने सरकार को बताया कि बाल यौन शोषण सामग्री, डीपफेक कंटेंट और पीएम मोदी के वीडियो हटाने समेत प्लेटफॉर्म के संचालन में हुई गंभीर गलतियों पर खुद मार्क जुकरबर्ग ने खेद जताया है, माफी मांगी है. सरकार ने साफ कर दिया कि भारत में करोड़ों यूजर्स वाले प्लेटफॉर्म अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते और मनमाने तरीके से कंटेंट मॉडरेशन स्वीकार नहीं किया जाएगा.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक में सरकार ने META को दो टूक संदेश दिया कि वह सिर्फ ‘इंटरमीडियरी’ नहीं है, क्योंकि उसका एल्गोरिदम तय करता है कि किस यूजर को कौन-सा कंटेंट दिखाया जाए. इसी वजह से आईटी एक्ट के तहत मिलने वाले ‘सेफ हार्बर’ का लाभ भी META को नहीं मिलेगा.
मेटा ने गलती भी मानी
सूत्रों का कहना है कि META ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ तरह के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए बड़ी रकम खर्च की गई थी. सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि भारत के कानूनों से ऊपर कोई डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं है और नियमों का उल्लंघन करने पर जवाबदेही तय की जाएगी.
‘सेफ हार्बर’ क्या है?
‘सेफ हार्बर’ आईटी एक्ट के तहत मिलने वाली वह कानूनी सुरक्षा है, जिसके कारण फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स या यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूज़र्स द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए प्लेटफॉर्म को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता. यह सुरक्षा तभी मिलती है, जब प्लेटफॉर्म सिर्फ एक इंटरमीडियरी यानी माध्यम की भूमिका निभाए और कानून का पालन करे. लेकिन अगर कोई प्लेटफॉर्म खुद कंटेंट को चुनने, बढ़ावा देने, मॉडरेट करने या उसकी पहुंच तय करने में सक्रिय भूमिका निभाता है, तो सरकार यह तर्क दे सकती है कि उसे सेफ हार्बर का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और उस पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
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ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्हें मीडिया में करीब 20 साल का एक्सपीरियंस है. वर्तमान में वह News18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं …
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