दक्षिण-पश्चिमी जापान के कुमामोटो प्रीफेक्चर में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप को एक हफ्ता बीत चुका है। इस भयावह हादसे में बड़ी संख्या में लोग मारे गए और कई लोग बेघर हो गए। लेकिन भूकंप के एक हफ्ते बाद भी 8,000 से अधिक लोग डर के कारण राहत शिविरों में जिंदगी गुजार रहे हैं। ये लोग बेहद बुरे हालात में राहत शिविरों में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। मंगलवार को बहुत ज्यादा गर्मी के बीच पानी की सप्लाई भी बंद हो गई। फिर भी लोग डर के कारण इन्हीं इवैक्युएशन शेल्टर में रह रहे हैं।
राहत शिविरों में बुरे हालात
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, भूकंप में लगभग 12,000 इमारतों को नुकसान होने का अनुमान है, जिसके बाद लोग 150 इवैक्युएशन शेल्टर में शरण ले रहे थे। स्कूलों के जिम, सामुदायिक केंद्रों और कक्षाओं में बनाए गए राहत शिविरों को इवैक्युएशन शेल्टर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें से कई शिविरों में एयर कंडीशनिंग की सुविधा नहीं है। बड़ी संख्या में लोग अपनी कारों, पार्कों या क्षतिग्रस्त घरों के बाहर रात बिताने को विवश हैं। इस बीच कथित तौर पर हीट स्ट्रोक से बचने के लिए कार में सो रहे एक शख्स की मौत भी हो गई।




