क्या AI इंसानों की नौकरी खा जाएगा? एक्सपर्ट बोले, डरने की नहीं, खुद को बदलने की जरूरत


नई दिल्ली. आजकल हर तरफ AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चर्चा है. कोई कह रहा है कि आने वाले समय में इंसानों की जरूरत ही नहीं रहेगी, तो कोई मानता है कि लाखों नौकरियां खत्म हो जाएंगी. लेकिन AI इंडस्ट्री के दो बड़े एक्सपर्ट्स की राय इससे काफी अलग है. उनका कहना है कि AI इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि लोगों के काम करने का तरीका बदलेगा. इसलिए डरने के बजाय नई तकनीक को समझना और नए स्किल सीखना ज्यादा जरूरी है.

पेगा (Pega) के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर डॉन शुएरमैन (Don Schuerman) का कहना है कि AI कई काम इंसानों से तेज कर सकता है. वह कोड लिख सकता है, डेटा का विश्लेषण कर सकता है और कई बिजनेस प्रोसेस अपने आप पूरे कर सकता है. लेकिन यह तय नहीं कर सकता कि कोई आइडिया ग्राहकों के लिए सही है या नहीं. उनके मुताबिक सही फैसला लेने की क्षमता, नई सोच और क्रिटिकल थिंकिंग जैसी खूबियां अभी भी इंसानों की सबसे बड़ी ताकत हैं.

नौकरियां खत्म नहीं होंगी, उनका तरीका बदलेगा

AI की वजह से सबसे ज्यादा चिंता नौकरियों को लेकर है. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI लोगों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनके काम करने का तरीका बदल देगा. डॉन शुएरमैन के मुताबिक AI उन कामों को करेगा जो बार बार दोहराए जाते हैं. इससे कर्मचारियों के पास क्रिएटिव, रणनीतिक और ग्राहकों से जुड़े कामों के लिए ज्यादा समय होगा.

पेगा इंडिया (Pega India) के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक विश्वेश्वरैया (Deepak Visweswaraiah) का कहना है कि इतिहास गवाह है कि हर नई तकनीक ने कुछ पुराने काम जरूर बदले हैं, लेकिन साथ ही नए रोजगार भी पैदा किए हैं. उन्होंने कहा कि आज जिन नौकरियों में लोग काम कर रहे हैं, उनमें से कई 50 साल पहले थीं ही नहीं. इसी तरह आने वाले 50 साल में भी ऐसी कई नई नौकरियां होंगी, जिनके बारे में आज हम सोच भी नहीं सकते.

AI की असली चुनौती अब क्या है

एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI मॉडल पहले से ही काफी मजबूत हो चुके हैं. अब सबसे बड़ी चुनौती उन्हें कंपनियों के सिस्टम में सुरक्षित तरीके से जोड़ने की है. इसमें डेटा की सुरक्षा, नियमों का पालन और जिम्मेदारी से AI का इस्तेमाल सबसे अहम होगा. उनका कहना है कि अब सिर्फ बेहतर AI बनाना काफी नहीं है. उसे सही तरीके से बिजनेस में इस्तेमाल करना ज्यादा जरूरी है.

भारत बन रहा है AI का बड़ा केंद्र

दोनों एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत तेजी से दुनिया के बड़े AI हब के रूप में उभर रहा है. डॉन शुएरमैन ने कहा कि अब कई मल्टीनेशनल कंपनियां भारत में मौजूद अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर से ही नई टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट का काम चला रही हैं. इससे भारत इंजीनियरिंग, रिसर्च और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है.

दीपक विश्वेश्वरैया का कहना है कि भारत के पास बड़ी संख्या में टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स हैं और अलग अलग सेक्टर में AI का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है. अगर सरकार, इंडस्ट्री और शिक्षण संस्थान मिलकर काम करें तो भारत AI के क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी देश बन सकता है.

डर नहीं, नए स्किल सीखने पर दें जोर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि छात्रों और नौकरी करने वालों को AI से डरने की जरूरत नहीं है. उन्हें गणित, कंप्यूटर साइंस, एल्गोरिद्म और डेटा स्ट्रक्चर जैसी बुनियादी चीजों पर अच्छी पकड़ बनानी चाहिए. इसके साथ ही लगातार नई चीजें सीखने की आदत भी जरूरी है. उनका मानना है कि जो लोग टेक्नोलॉजी के साथ साथ फाइनेंस, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग या कानून जैसे किसी खास सेक्टर की समझ भी रखते हैं, उनके पास भविष्य में ज्यादा अवसर होंगे.

क्या है Pega AI

पेगा AI (Pega AI) पेगा सिस्टम्स (Pega Systems) का एंटरप्राइज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है. यह कंपनियों को अपने कामकाज को ऑटोमेट करने, ग्राहकों की जरूरतों को समझने और बिजनेस प्रोसेस को बेहतर बनाने में मदद करता है. भारत पेगा के लिए एक अहम बाजार है. कंपनी के हैदराबाद, बेंगलुरु और दूसरे टेक्नोलॉजी सेंटर में बड़े ऑपरेशन हैं, जहां से AI और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर पर काम किया जाता है. आखिर में एक्सपर्ट्स का साफ संदेश यही है कि भविष्य उन लोगों का होगा जो AI से बचने की कोशिश नहीं करेंगे, बल्कि उसके साथ काम करना सीखेंगे और समय समय पर अपने स्किल्स को बेहतर बनाते रहेंगे.

(Original Author- PV Ramana Kumar)



Source link

Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img