वॉट्सऐप अपने यूजर्स की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की तैयारी कर रहा है. अगर आप अपने वॉट्सऐप अकाउंट में Two-Step Verification का इस्तेमाल करते हैं, तो आने वाले समय में आपको बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अब 6 अंकों वाले PIN की जगह पासवर्ड देने का ऑप्शन ला सकती है. इससे आपका अकाउंट पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा.
WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, वॉट्सऐप एक नए सिक्योरिटी फीचर पर काम कर रहा है. अभी Two-Step Verification में सिर्फ 6 अंकों का PIN सेट करना पड़ता है. लेकिन नए सिस्टम में यूजर अक्षर (Letters) और नंबर (Numbers) मिलाकर एक मजबूत पासवर्ड बना सकेंगे.
ऐसा पासवर्ड किसी के लिए भी आसानी से अंदाजा लगाना या हैक करना काफी मुश्किल होगा. खासकर उन लोगों के लिए यह फीचर ज्यादा फायदेमंद हो सकता है जो वॉट्सऐप पर बैंकिंग से जुड़ी जानकारी, जरूरी दस्तावेज या दूसरी निजी जानकारी शेयर करते हैं.
कमजोर पासवर्ड नहीं चलेगा
रिपोर्ट के मुताबिक, वॉट्सऐप यह भी जांच करेगा कि आपने जो पासवर्ड बनाया है, वह मजबूत है या नहीं. अगर पासवर्ड बहुत आसान होगा, तो ऐप आपको उसे बदलने के लिए कह सकता है. इसका मकसद यह है कि यूजर ऐसा पासवर्ड रखें जिसे कोई आसानी से तोड़ न सके. फोन नंबर वेरिफाई करना फिर भी जरूरी होगा
Photo: WABetaInfo
नया पासवर्ड आने के बाद भी लॉगिन का तरीका पूरी तरह नहीं बदलेगा. सबसे पहले आपको हमेशा की तरह अपने फोन नंबर पर आने वाला SMS OTP डालकर नंबर वेरिफाई करना होगा.
इसके बाद अगर आपने Two-Step Verification चालू कर रखी है, तो आपको अपना बनाया हुआ पासवर्ड भी दर्ज करना होगा. यानी अकाउंट में लॉगिन करने के लिए सुरक्षा की एक और परत जुड़ जाएगी.
हर यूजर के लिए जरूरी नहीं होगा
ध्यान देने वाली बात यह है कि Two-Step Verification अभी भी एक ऑप्शनल फीचर है. यानी अगर आपने इसे ऑन नहीं किया है, तो इस बदलाव का आपके अकाउंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा. जो लोग चाहें, वही इस अतिरिक्त सुरक्षा का इस्तेमाल कर सकेंगे.
फिलहाल टेस्टिंग जारी है
अभी यह फीचर शुरुआती दौर में है. वॉट्सऐप ने आधिकारिक तौर पर इसकी लॉन्च डेट नहीं बताई है. हो सकता है कि कंपनी इसे आने वाले अपडेट में जारी करे, या फिर इसमें कुछ बदलाव करने के बाद रोलआउट करे. इसलिए फिलहाल यूजर्स को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा.
अगर ये फीचर लॉन्च होता है, तो वॉट्सऐप अकाउंट पहले से ज्यादा सुरक्षित हो सकता है और साइबर हमलों का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाएगा.




