रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति ने पाया कि चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान में 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसे संशोधित अनुमान में बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया था। जनवरी 2026 तक आवंटित राशि का पूरी तरह से उपयोग हो चुका था।’’
विदेश मंत्रालय ने समिति को बताया कि ‘‘2026-27 के दौरान इस मद के तहत कोई राशि आवंटित नहीं की गई है क्योंकि भारत ने 2024 में हस्ताक्षरित मुख्य अनुबंध के अनुसार बंदरगाह उपकरणों की खरीद के लिए 12 करोड़ अमेरिकी डॉलर के योगदान की अपनी प्रतिबद्धता पहले ही पूरी कर ली है।’’





