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अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी में तेजी आने से व्हाइट हाउस की चिंता बढ़ गई है. अधिकारियों को शक है कि सरकार के अंदर की गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल करके कुछ लोगों ने बड़े पैमाने पर दांव लगाए और लाखों डॉलर कमाए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग के बीच अब व्हाइट हाउस के अंदर से सट्टेबाज को लेकर जानकारी मिल रही है. युद्ध से जुड़ी सीक्रेट जानकारियों के दम पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का एक बड़ा खेल सामने आया है. इसने अमेरिकी प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है. शक के घेरे में खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी अधिकारी आ गए हैं.
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में बताया है कि व्हाइट हाउस के कई बड़े अधिकारियों पर यह आरोप लग रहा है. वे अंदर की सीक्रेट खबरें लीक कर रहे हैं, ताकि लोग पॉलीमार्केट और काल्शी जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों रुपये जीत सकें. इसे एक तरह से व्हाइट हाउस की इनसाइडर ट्रेडिंग कह सकते हैं.
एक बड़े दांव ने खोल दी पोल
यह पूरा खेल तब पकड़ में आया जब अप्रैल महीने में युद्धविराम होने को लेकर एक ऑनलाइन सट्टा लगा था. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ठीक 8 अप्रैल को ईरान के साथ युद्धविराम का एलान किया. लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि इस एलान से ठीक पहले तीन गुमनाम अकाउंट्स ने युद्धविराम होने पर लाखों रुपये लगा दिए. सही भविष्यवाणी करके करीब 6 लाख डॉलर यानी भारतीय रुपये में रकम करीब 5 करोड़ जीत लिए. इसके बाद ही व्हाइट हाउस के वकीलों के कान खड़े हो गए.
ट्रंप के स्पीच ऑपरेटर पर गिरी गाज
इस पूरे स्कैंडल में सबसे बड़ा नाम राष्ट्रपति ट्रंप के टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर गैब्रिएल पेरेज का सामने आया है. पेरेज साल 2016 से ट्रंप के साथ काम कर रहे थे. उनका काम राष्ट्रपति के भाषण की स्क्रीन संभालना था. आरोप है कि उन्हें राष्ट्रपति के भाषणों की जानकारी समय से पहले मिल जाती थी, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने सट्टेबाजी में 1 लाख डॉलर यानी 80 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई की.
मामला खुलने के बाद अमेरिकी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमिशन ने उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है. उन्हें बिना सैलरी के छुट्टी पर भेज दिया गया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि जब राष्ट्रपति ट्रंप को इस इनसाइडर ट्रेडिंग की भनक लगी, तो वह गुस्से से लाल हो गए.
पहले भी हो चुके हैं ऐसे खुलासे
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यह कोई पहली घटना नहीं है. साल 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी ऐसा ही हुआ था. जब ट्रंप अपने उपराष्ट्रपति के नाम का एलान करने वाले थे, तब भी किसी ने अंदर की खबर लीक की थी कि ट्रंप जेडी वेंस को चुनेंगे. उस वक्त भी लोगों ने सट्टे में करोड़ों रुपये कमाए थे.
फिलहाल व्हाइट हाउस के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी यह है कि पॉलीमार्केट जैसे ऐप्स पर बिना नाम बताए अकाउंट बन जाते हैं. इससे यह पता लगाना नामुमकिन हो रहा है कि आखिर व्हाइट हाउस के अंदर बैठकर देश के सीक्रेट्स कौन बेच रहा है.
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