ईरान पर अमेरिकी हमले तेज, तेहरान ने बहरीन, जॉर्डन और तेल टैंकरों को निशाना बनाया
अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान पर हवाई हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी फिर से लागू करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की घोषणा के कुछ घंटे बाद ये हमले किये गए।
अमेरिकी सैन्य हमले के जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगियों पर हमला कर पलटवार किया।
इन कार्रवाइयों से उस अंतरिम समझौते पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जिसका उद्देश्य संघर्ष को रोकना, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलना और वार्ताकारों को युद्ध के स्थायी अंत के लिए तौर-तरीके तय करने का समय देना था।
इसके बजाय, क्षेत्र में एक बार फिर संघर्ष भड़क उठा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडराने लगा है। यदि जल्द ही कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकाला गया, तो यह स्थिति एक व्यापक युद्ध में बदल सकती है।
अब इस संघर्ष का मुख्य केंद्र यह (होर्मुज) जलडमरूमध्य बन गया है, जहां से सामान्य दिनों में दुनिया के कुल व्यापार होने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का पांचवां हिस्सा गुज़रता था।
अंतरिम समझौते का उद्देश्य इस जलमार्ग को फिर से खोलना था, लेकिन ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ जहाजों पर हमले किए हैं।
अमेरिका ने अब बलपूर्वक इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की धमकी दी है—लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए एक बहुत बड़े नौसैनिक बेड़े की आवश्यकता होगी, और यदि ऐसा नहीं हुआ तो ईरानी धरती पर हजारों अमेरिकी सैनिकों को उतारना पड़ेगा। हालांकि, यह भी संभव है कि ट्रम्प अपने कदम पीछे खींच लें, जैसा कि उन्होंने पहले भी किया है।
अमेरिकी सेना की मध्य कमान ने कहा कि उसने ईरान के कई इलाकों में हमले किए हैं। इन हमलों में ‘तटीय रक्षा प्रणालियों, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों तथा समुद्री क्षमताओं’’ को निशाना बनाया गया।
ईरान ने इन हमलों की पुष्टि तो की है, लेकिन फिलहाल हताहतों की संख्या या नुकसान का कोई आकलन जारी नहीं किया।
अमेरिकी सेना ने कहा, “ये हमले ईरानी बलों को भारी नुकसान पहुंचाना जारी रखेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्दोष नागरिकों तथा व्यावसायिक जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता को कमज़ोर कर देंगे।”
अमेरिकी सेना द्वारा नए हमलों की घोषणा के कुछ ही क्षण बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘एक और बड़ा हमला’ बताया और कहा कि अमेरिका ‘‘नाकेबंदी फिर से लागू कर रहा है।’’
इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और उन तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजर रहे थे।




