Monsoon Travel Safety : बारिश के मौसम में पहाड़ों की खूबसूरती अलग ही होती है. रिमझिम बारिश, चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियां और बादलों से घिरे पहाड़. यही वजह है कि इस सुहाने मौसम का लुत्फ उठाने के लिए लोग अक्सर हिल स्टेशंस का रुख कर लेते हैं. लेकिन, पहाड़ों की यह दिलकश खूबसूरती जितनी आकर्षक लगती है, बारिश के दिनों में यह उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है. मॉनसून में पहाड़ों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन), अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और रास्तों के बंद होने का खतरा हमेशा बना रहता है.
ऐसे में अगर आप भी इस मौसम में पहाड़ों की ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो जोश में होश खोने की गलती बिल्कुल न करें. घर से निकलने से पहले कुछ खास तैयारियां करना बेहद जरूरी है, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और मजेदार बनी रहे. आइए जानते हैं वो 5 जरूरी बातें, जो मुश्किल वक्त में आपके बड़े काम आएंगी.
इन 5 बातों का रखें खास ख्याल-
अगर आप चाहते हैं कि आपकी मॉनसून ट्रिप किसी एडवेंचर से बढ़कर कोई मुसीबत न बने, तो अपनी चेकलिस्ट में इन 5 तैयारियों को सबसे ऊपर रखें:
मौसम का मिजाज और रास्तों का अपडेट रखें(Weather & Road Update)-
पहाड़ों की तरफ कदम बढ़ाने से पहले सबसे पहला और जरूरी काम है मौसम का हाल जानना. जिस जगह आप जा रहे हैं, वहां के स्थानीय समाचार और मौसम विभाग (IMD) के अलर्ट्स पर पैनी नजर रखें. अगर वहां भारी बारिश का रेड या ऑरेंज अलर्ट है, तो अपनी ट्रिप को तुरंत टालने में ही समझदारी है. इसके अलावा, पहाड़ी रास्तों और हाईवे की स्थिति का लाइव अपडेट जरूर लें, क्योंकि बारिश के दिनों में चट्टानें खिसकने से रास्ते घंटों या दिनों के लिए बंद हो जाते हैं.
रेन गियर और वॉटरप्रूफ पैकिंग करें (Rain Gear & Waterproofing)-
जब आप मॉनसून में ट्रैवल कर रहे हों, तो सामान्य छतरी काफी नहीं होती. तेज हवाओं के साथ होने वाली पहाड़ी बारिश के लिए आपके पास एक अच्छी क्वालिटी का रेनकोट या पोंचो (Poncho) होना जरूरी है. इसके साथ ही, अपने कीमती सामान जैसे—फोन, कैमरा, लैपटॉप, और जरूरी दस्तावेजों को बचाने के लिए वॉटरप्रूफ बैग या जिपलॉक पाउच का इस्तेमाल करें. आपके कपड़े और जूते भी ऐसे होने चाहिए जो भीगने पर जल्दी सूख जाएं.
ग्रिप वाले जूते हैं बेहद जरूरी (Footwear with Good Grip)-
पहाड़ों पर ट्रैकिंग या सिर्फ घूमने के दौरान भी रास्ते बेहद फिसलन भरे हो जाते हैं. पत्थरों पर जमी काई और कीचड़ के कारण पैर फिसलने का डर हमेशा रहता है. इसलिए, अपनी ट्रिप पर स्टाइलिश जूतों के बजाय ऐसे ट्रैकिंग शूज या सैंडल ले जाएं, जिनकी ग्रिप (Sole) मजबूत हो. वॉटर-रेसिस्टेंट या वॉटरप्रूफ जूते इस मौसम के लिए सबसे बेस्ट माने जाते हैं, जो आपके पैरों को सूखा भी रखते हैं और फिसलने से भी बचाते हैं.
फर्स्ट एड किट और जरूरी दवाइयां (Emergency Medical Kit)-
बारिश के मौसम में इंफेक्शन, पेट खराब होना, सर्दी-खांसी और बुखार का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसके अलावा, पहाड़ों पर बंद रास्तों के कारण मेडिकल स्टोर ढूंढना मुश्किल हो सकता है. इसलिए अपनी फर्स्ट एड किट में पैरासिटामोल, एंटी-एलर्जिक, ओआरएस (ORS) के पैकेट, बैंड-एड्स, और दर्द निवारक स्प्रे जरूर रखें. चूंकि इस मौसम में पहाड़ों पर मच्छर और कीड़े-मकोड़े ज्यादा होते हैं, इसलिए मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम या स्प्रे साथ ले जाना बिल्कुल न भूलें.
एक्स्ट्रा कैश, पावर बैंक और ड्राई राशन (Emergency Backups)-
डिजिटल इंडिया के इस दौर में हम कैश रखना लगभग भूल चुके हैं, लेकिन पहाड़ों पर मॉनसून के दौरान नेटवर्क पूरी तरह गायब हो सकता है. ऐसे में ऑनलाइन पेमेंट (UPI) काम नहीं करेगा, इसलिए अपने पास पर्याप्त कैश रखें. फोन की बैटरी बैकअप के लिए पूरी तरह चार्ज किया हुआ पावर बैंक साथ रखें. इसके साथ ही, रास्ते में फंसने की स्थिति से निपटने के लिए कुछ सूखा राशन (जैसे—बिस्कुट, नट्स, एनर्जी बार) और पानी की बोतलें हमेशा अपनी गाड़ी या बैग में एक्स्ट्रा रखें.
एक जरूरी सलाह:
मॉनसून के दौरान पहाड़ों पर कभी भी ‘नाइट ड्राइविंग’ यानी रात में गाड़ी चलाने का रिस्क न लें. कोहरे और भारी बारिश के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो जाती है, जो किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती है. आप पहाड़ों में किस जगह जाने की प्लानिंग कर रहे हैं और वहां के मौसम का क्या हाल है?




