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आगरा का नाम आते ही सबसे पहले ताजमहल की तस्वीर सामने आती है, लेकिन इस शहर में प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कई ऐसे पर्यटन स्थल भी हैं, जिनके बारे में कम लोग जानते हैं. रुनकता स्थित किठम झील, जिसे सूर सरोवर पक्षी विहार के नाम से भी जाना जाता है, ऐसा ही एक आकर्षक डेस्टिनेशन है. यहां प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट, भालू संरक्षण केंद्र, घना जंगल, हरियाली और शांत वातावरण पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है.
उत्तर प्रदेश के आगरा में घूमने के लिए कई ऐसे खूबसूरत स्थान हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. इन्हीं में से एक है रुनकता क्षेत्र में स्थित किठम झील, जो प्राकृतिक सौंदर्य, हरियाली और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है. यहां आने वाले पर्यटक अलग-अलग व्यू प्वाइंट पर घूमने के साथ खूबसूरत नजारों के बीच फोटोग्राफी और सेल्फी का भी आनंद लेते हैं.

आगरा के मथुरा रोड पर रुनकता के पास स्थित किठम झील, सूर सरोवर पक्षी अभयारण्य का हिस्सा है. यहां 100 से अधिक प्रजातियों के स्थानीय और प्रवासी पक्षी, जैसे साइबेरियन सारस और स्पूनबिल, देखे जा सकते हैं. अनुकूल मौसम में देश-विदेश से आने वाले प्रवासी पक्षियों के कारण यह स्थान पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय रहता है. प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण के चलते बड़ी संख्या में सैलानी यहां घूमने पहुंचते हैं.

आगरा के किठम झील स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार में भालू संरक्षण केंद्र भी है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े भालू संरक्षण केंद्रों में गिना जाता है. यहां वर्तमान में करीब 85 भालुओं की देखभाल की जाती है. इस केंद्र का संचालन वाइल्डलाइफ एसओएस (Wildlife SOS) द्वारा किया जाता है, जहां बचाए गए ‘नाचते हुए भालुओं’ को सुरक्षित रखा गया है. इन भालुओं को देखने के लिए भी दूर-दराज से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं.
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आगरा के रुनकता स्थित किठम झील, सूर सरोवर पक्षी विहार में बच्चों के लिए आकर्षक चिल्ड्रन पार्क भी बनाया गया है. यहां बच्चों के खेलने के लिए अलग पार्क और प्रकृति के बीच सैर करने के लिए कई पैदल मार्ग विकसित किए गए हैं. बच्चे यहां विभिन्न गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं, जबकि छोटे-छोटे झूले उनकी मौज-मस्ती को और खास बना देते हैं.

रुनकता स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार की किठम झील में कई खूबसूरत स्थल हैं, जो पर्यटकों को बेहद आकर्षित करते हैं. यहां झील में तैरती बतखों का नजारा आसानी से देखा जा सकता है. प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के बीच लोग फोटोग्राफी और सेल्फी का आनंद लेते हैं. शांत वातावरण के कारण यह स्थान सुकून के पल बिताने के लिए पसंद किया जाता है और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने पहुंचते हैं.

सूर सरोवर पक्षी विहार स्थित भालू संरक्षण केंद्र में कई भालुओं की देखभाल की जाती है. यहां मुख्य रूप से स्लॉथ बेयर प्रजाति के भालू देखे जाते हैं, जिनके शरीर पर लंबे, काले और घने बाल होते हैं. ये वही भालू हैं, जिन्हें पहले मदारी सड़कों पर करतब दिखाने के लिए बंधक बनाकर रखते थे. बाद में वाइल्डलाइफ एसओएस ने इन्हें इस क्रूर प्रथा से मुक्त कराकर संरक्षण केंद्र में सुरक्षित आश्रय दिया.

सूर सरोवर पक्षी विहार स्थित किठम झील को महान कवि संत सूरदास की कर्मस्थली भी माना जाता है. मान्यता है कि नेत्रहीन संत सूरदास इसी क्षेत्र में निवास करते थे और उन्होंने अपने प्रसिद्ध भक्ति ग्रंथ ‘सूरसागर’ समेत कई रचनाओं की रचना यहीं की थी. इसी कारण इस स्थान का नाम सूर सरोवर पड़ा. आज भी यहां नेत्रहीन बच्चों की शिक्षा से जुड़े संस्थान संचालित किए जाते हैं.

आगरा की किठम झील के आसपास फैले जंगल में कई बड़े अजगर देखे जाते हैं. घने वन क्षेत्र होने के कारण यहां वन्यजीवों की मौजूदगी सामान्य मानी जाती है. बताया जाता है कि पक्षियों के अलावा यह अभयारण्य 300 से अधिक भारतीय रॉक पाइथन (अजगर) का प्राकृतिक आवास भी है. कई बार पर्यटकों को जंगल के खुले हिस्सों में बड़े-बड़े अजगर धूप सेंकते हुए भी दिखाई दे जाते हैं.




