राजनांदगांव — थाना सिटी कोतवाली की टीम ने साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल बैंक अकाउंट के धारक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी: रूपेन्द्र कुमार वर्मा, पिता मोहन लाल वर्मा, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम पलान्दुर, ओ.पी. मोहारा, थाना डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव (छ.ग.)।
• पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर (रा.पु.से.) व नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेंडर किरों (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली के निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
• भारत सरकार के गृह मंत्रालय के I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) के समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर उन बैंक खातों की पहचान की गई जिनका उपयोग साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि हेतु किया जा रहा था।
• जांच में पाया गया कि संबंधित खातों के माध्यम से धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि प्राप्त कर आगे स्थानांतरित की जा रही थी। खाताधारकों और सहयोगियों ने जानते हुए भी उक्त राशियों का लाभ उठाया।
• उक्त आधार पर थाना सिटी कोतवाली में प्रकरण क्रमांक 279/2025 धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111 एवं 3(5) भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।
• पहले ही एक आरोपी चुम्मन कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। वर्तमान में रूपेन्द्र कुमार वर्मा से पूछताछ में उसने आरोप स्वीकार किया, जिसकी उपरांत दिनांक 09.06.2026 को उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शाह, उप निरीक्षक राधेश्याम जूरी, आरक्षक प्रकाश कुर्रे, शंकर सिंह मरकाम तथा थाना स्टाफ की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।
म्यूल अकाउंट क्या है?
म्यूल अकाउंट वे बैंक खाते होते हैं जिनका साइबर अपराधी अवैध धनराशि छिपाने, स्थानांतरित करने या निकालने के उद्देश्य से उपयोग करते हैं। आमतौर पर अपराधी लोगों को लालच या धोखे से अपने खाते उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे धनराशि कई खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है और स्रोत गुम रहता है।
किसे लक्षित करते हैं:
• जो यह नहीं जानते कि उनका खाता गलत उपयोग में है।
• आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति जिन्हें कमीशन के नाम पर फंसाया जाता है।
• जानबूझकर अपराधियों की मदद करने वाले लोग।
रोकथाम के उपाय:
• किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम, चेकबुक या मोबाइल सिम न दें।
• किसी भी प्रकार के कमीशन/बड़ी रकम के लालच में न आएं।
• अपने बैंक खाते के लेन-देन समय-समय पर चेक करें।
• संदिग्ध गतिविधि तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।
राजनांदगांव पुलिस की अपील:
किसी के कहने पर अपना बैंक खाता, मोबाइल सिम, चेकबुक अथवा एटीएम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें। गेमिंग, गैंबलिंग, फर्जी ट्रेडिंग, सेक्सटॉर्शन व अन्य साइबर ठगी में ऐसे म्यूल अकाउंट्स का उपयोग किया जाता है। खाता किराये पर देना, कमीशन पर देना अथवा बेचना कानूनन अपराध है—ऐसे मामलों में कड़े कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




