इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के हस्ताक्षरों वाला प्रस्ताव स्पीकर के कार्यालय में जमा कर दिया गया, लेकिन इसके बाद स्थिति में नाटकीय मोड़ आ गया, जब ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा ने पार्टी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी की ओर इशारा किया। इन दोनों को इसी हफ्ते की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। इसके तुरंत बाद विधानसभा सचिवालय ने जांच का मामला सीआईडी को सौंप दिया, जिसने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए दो बार तलब किया।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के भीतर बगावत तेज होने लगी, जिसने बुधवार को एक नया गुट बनने के साथ अपना अंतिम रूप ले लिया। इस गुट ने खुद को तृणमूल कांग्रेस का असली प्रतिनिधि होने का दावा किया है। जिस समय यह रिपोर्ट फाइल की गई थी, उस समय ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस के किसी अन्य नेता अथवा निर्वाचित प्रतिनिधि की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। इस बीच अभिषेक बनर्जी कोलकाता में ममता बनर्जी से मिलने पहुंचे हैं।




