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कमल ककड़ी एक ऐसी देसी सब्जी है, जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल मानी जाती है. तालाबों में उगने वाले कमल की जड़ से तैयार यह सब्जी पोषक तत्वों से भरपूर होती है और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करती है. आयुर्वेद में भी इसे कई स्वास्थ्य लाभों के लिए खास माना गया है.
Kamal Kakdi Benefits in Hindi: अभी तक आपने कई तरह की हरी और मौसमी सब्जियों का स्वाद चखा होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी शाकाहारी सब्जी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके आगे स्वाद में पनीर और मटन भी फीके पड़ जाते हैं. हम बात कर रहे हैं ‘कमल ककड़ी’ की. यह सब्जी असल में तालाबों में खिलने वाले कमल के पौधे की जड़ होती है. हल्के मीठे स्वाद और कुरकुरी बनावट वाली कमल ककड़ी न केवल खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि शरीर को कई तरह के रोगों से दूर रखकर अंदर से फौलादी बनाने का काम भी करती है.

आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह ने बताया कि कमल ककड़ी को नेचुरल हेल्थ बूस्टर भी कहा जाता है. इसमें फाइबर, आयरन, पोटैशियम, विटामिन सी, कैल्शियम और प्रोटीन जैसे कई जरूरी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.

यह सब्जी शरीर को अंदर से पोषण देने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती है. इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और कब्ज जैसी पेट की परेशानियां दूर होती हैं. इसके अलावा यह कैंसर के संभावित खतरे को कम करने में भी असरदार मानी गई है.
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मोटापा कम करने की कोशिश में जुटे लोगों के लिए कमल ककड़ी फायदेमंद है. इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी काफी लो होता है. इसका सीधा फायदा यह होता है कि इसे खाने के बाद शरीर में ब्लड शुगर का लेवल तेजी से नहीं बढ़ता.

एनीमिया से जूझ रहे मरीजों के लिए कमल ककड़ी किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें आयरन और कॉपर दोनों ही तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण कर हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाते हैं. वहीं, इसमें मौजूद पोटैशियम दिल की सेहत का ख्याल रखता है. यह हाई ब्लड प्रेशर को संतुलित बनाए रखने और शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी काफी मददगार साबित होता है.

कमल ककड़ी न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इसमें विटामिन बी6 पाया जाता है, जो दिमाग को शांत रखने, तनाव कम करने और मूड को बेहतर बनाने में मददगार होता है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर के अंदरूनी हिस्सों की सूजन को कम करते हैं.

रसोई में इसका उपयोग सब्जी, सूप, सलाद, अचार या कुरकुरे चिप्स के रूप में किया जा सकता है. इसे हमेशा अच्छी तरह धोकर और पकाकर ही खाना चाहिए, क्योंकि कच्ची कमल ककड़ी में बैक्टीरिया होने का खतरा रहता है. साथ ही, यदि आप पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो इसका सेवन शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.





