Last Updated:
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्रम्प प्रशासन की नई इमिग्रेशन पॉलिसी पर भारत की चिंताओं के बारे में बात की थी. इस पर मार्को रुबियो ने हाल के सालों में 2 करोड़ से अधिक लोगों के अवैध रूप से देश में एंट्री करने का हवाला भी दिया. रुबियो ने माना कि अमेरिकी माइग्रेशन सिस्टम एक कठिन ट्रांजिशन के दौर से गुजर रहा है.
भारत का दौरा कर रहे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को कहा कि अमेरिका ने बड़े माइग्रेशन संकट का सामना किया है. ये भारत की वजह से नहीं है. अमेरिका ने अपने इमिग्रेशन में आमूल-चूल बदलाव करना जारी रखे हुए है. उनकी यह टिप्पणियां नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान की है. यहां दोनों पक्षों ने अमेरिकी वीजा और ग्रीन कार्ड नीतियों में बदलाव पर चर्चा की.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्रम्प प्रशासन की नई इमिग्रेशन पॉलिसी पर भारत की चिंताओं को बताया था. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों से लोगों के बीच के संबंध भारत-अमेरिका संबंधों के लिए केंद्र बने हुए हैं. विशेष रूप से बिजनेस और रिसर्च जैसे क्षेत्रों के लिए.
‘2 करोड़ लोगों अवैध रूप से अमेरिका में घुसे’
इस पर मार्को रुबियो ने हाल के सालों में 2 करोड़ से अधिक लोगों के अवैध रूप से देश में एंट्री करने का हवाला भी दिया. इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में एक प्रवासन संकट का सामना किया है. यह भारत के कारण नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका प्रवासियों के लिए सबसे स्वागत करने वाले देशों में से एक बना हुआ है. उन्होंने अमेरिकी समाज में विदेशी मूल के नागरिकों के योगदान पर भी बात की.
रुबियो की यात्रा से पहले, यूएससीआईएस ने एक निर्देश जारी किया था. इसमें ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले विदेशी नागरिकों को अपने गृह देशों से ऐसा करने का नियम लागू किया है. हालांकि बाद में इस गाइडलाइन में ढील दी गई थी, लेकिन इसने भारतीय पेशेवरों के बीच पहले ही चिंता बढ़ा दी है. भारतीय अमेरिकी वर्कफोर्स का एक बड़ा हिस्सा हैं.
‘ट्रांजिशन से गुजर रहा अमेरिका’
एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रुबियो ने माना कि अमेरिकी माइग्रेशन सिस्टम एक कठिन ट्रांजिशन के दौर से गुजर रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ उतार-चढ़ाव और फ्रिक्शन प्वाइंट होने की आशंका थी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी के लिए काम करने वाला और लंबे समय के लिए ज्यादा टिकाऊ ढांचा तैयार करना है.
अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ भेदभाव की चिंताओं पर भी जवाब दिया है. उन्होंने अपने जवाब में कहा कि रुबियो ने इस विचार को खारिज कर दिया कि नीति में बदलाव को टारगेट किया गया था. उन्होंने कहा कि माइग्रेशन सुधारों को वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा था. यह किसी एक देश को निशाना बनाकर नहीं किया गया था.
रुबियो ने यह भी कहा कि किसी भी बड़े नीतिगत बदलाव में स्वाभाविक रूप से तालमेल बिठाने की चुनौतियां शामिल होंगी. साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका का आखरी उद्देश्य एक बेहतर और अधिक कारगर सिस्टम बनाना है.
About the Author

मैं इस समय News18 App टीम का हिस्सा हूं. News18 App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…और पढ़ें





