गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव, दिनभर रहेंगे कूल-कूल


X

गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव

 

arw img

महुआ की राब: महुआ से बनने वाली कई चीज है, जिससे कई पोषक तत्वों से भरपूर चीजें बनाई जाती है. इन्हीं में से एक राब. जी हां महुआ की राब, जो ताकत का खजाना, पोषण का केंद्र और औषधीय गुणों से भरपूर है. बालाघाट में महुआ के फूलों से तैयार की जाती है. महुए की राब एक पारंपरिक पेय पदार्थ है, जो महुआ के ताजे फूल या सूखे फूलों के रस को निकालकर पकाया जाता है. इससे शरीर को ऊर्जा के साथ ठंडक भी मिलती है. वहीं, स्वाद काफी अच्छा होता है. बुजुर्ग बताते है कि इसमें प्राकृतिक मिठास होती है. ऐसे में इसका सेवन आज की पीढ़ी को भी करना चाहिए. महुए की राब में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें प्राकृतिक शर्करा, विटामिन और औषधीय तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर को ताजगी और स्फूर्ति देती है. यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है. ग्रामीण अंचलों में गर्मी और थकान से बचने के लिए पिया जाता है. ग्रामीणों का यह भी मानना है कि ग्रामीण अंचलों में प्रसव के बाद मां को शक्ति देने के लिए हर दिन एक चम्मच पिलाया जाता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img