गर्मियों में कौन-सी रोटी खाना है सबसे फायदेमंद? डाइटिशियन ने दी सलाह


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गर्मी में खानपान को लेकर डॉक्टरों ने सलाह दी है कि हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन ही सबसे बेहतर है. फरीदाबाद की डाइटिशियन डॉ. मीना के अनुसार गेहूं, जौ और मल्टीग्रेन रोटी सीमित मात्रा में लें… जबकि बाजरा-मक्का थोड़ी भारी होती हैं. ज्यादा तेल-घी और ओवरईटिंग से बचना जरूरी है.

फरीदाबाद: गर्मी बढ़ते ही खानपान में जरा सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि इस मौसम में हल्का और आसानी से पचने वाला खाना ही सबसे बेहतर होता है खासकर रोटी को लेकर लोगों के मन में अक्सर सवाल रहता है. कि कौन-सी रोटी खाएं और कितनी मात्रा में खाएं, ताकि पेट भी ठीक रहे और गर्मी का असर भी कम हो.

रोटी जितनी सादी और हल्की होगी उतनी ही सेहत के लिए अच्छी

इसी मुद्दे पर फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की चीफ डाइटिशियन डॉक्टर मीना ने Local18 चैनल से बातचीत में बताती हैं गर्मियों में रोटी जितनी सादी और हल्की होगी उतनी ही सेहत के लिए अच्छी रहेगी. डॉक्टर मीना कहती हैं रोटी में ज्यादा मसाले, तेल या घी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे पाचन पर असर पड़ता है और गर्मी में अपच की समस्या बढ़ सकती है.

क्या गर्मी में बाजरे-मक्के की रोटी खा सकते हैं

डॉक्टर मीना बताती हैं मक्के और बाजरे जैसी मोटे अनाज की रोटियां पूरी तरह नुकसानदायक नहीं हैं, लेकिन ये थोड़ी भारी होती हैं. अगर इन्हें सीमित मात्रा में खाया जाए और साथ में छाछ या फाइबर युक्त चीजें ली जाएं तो ये आसानी से पच जाती हैं और शरीर पर गर्मी का असर भी कम होता है. मैं हमेशा लोगों को सलाह देती हूं इन रोटियों को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है बस मात्रा यानि क्वांटिटी पर ध्यान रखना जरूरी है.

गर्मियों में कौन-सी रोटी सबसे बेहतर

डॉक्टर मीना बताती हैं वहीं अक्सर लोग यह भी पूछते हैं गर्मियों में कौन-सी रोटी सबसे बेहतर है. इस पर मैं यही कहना चाहूंगी गेहूं, जौ या मल्टीग्रेन आटे की रोटी सामान्य रूप से सबसे अच्छा विकल्प है. लेकिन असली फर्क रोटी की किस्म से ज्यादा इस बात पर पड़ता है कि आप कितनी रोटी खा रहे हैं. जरूरत से ज्यादा खाना, चाहे वह कोई भी रोटी हो पाचन को बिगाड़ सकता है.

लस्सी या फाइबर युक्त ड्रिंक पीएं

डॉक्टर मीना बताती हैं मैदा और मल्टीग्रेन को लेकर भी लोग अक्सर कन्फ्यूज रहते हैं. डॉक्टर मीना बताती हैं मैदा भले ही हल्का लगता है, लेकिन बाद में भारीपन महसूस करा सकता है. जबकि मल्टीग्रेन रोटी में फाइबर ज्यादा होता है जो पेट के लिए फायदेमंद है. इसे भी लस्सी या फाइबर युक्त ड्रिंक के साथ लेना बेहतर रहता है.

डॉक्टर मीना बताती हैं गर्मियों में गैस, कब्ज या एसिडिटी की समस्या सिर्फ रोटी की वजह से नहीं होती बल्कि कई बार बासी या ज्यादा पकी हुई रोटी या फिर जरूरत से बड़ी और ज्यादा मात्रा में रोटी खाना भी इसका कारण बन सकता है. इसलिए ताजा, सीमित और ठीक मात्रा में रोटी खाना ही सबसे सही तरीका है. सही तरीके से खाते हैं तो कोई नुकसान नहीं होगा.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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