World hypertension day 2026: आज विश्व उच्च रक्तचाप दिवस यानी वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे सेलिब्रेट किया जा रहा है. इसकी शुरुआत साल 2006 में World Hypertension League द्वारा की गई थी. हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या, जो देश-दुनिया भर के लाखों लोगों में बेहद कॉमन समस्या बनती जा रही है. हाई बीपी होना हार्ट की सेहत के लिए खतरनाक है, क्योंकि अत्यधिक उच्च रक्तचाप स्ट्रोक, हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, ब्रेन स्ट्रोक आदि का कारण बन सकता है. वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे हर साल 17 मई को मनाया जाता है एक खास थीम और विषय के तहत. इस बार की थीम रखी गई है ‘उच्च रक्तचाप को मिलकर नियंत्रित करें'(Controlling Hypertension Together).
वर्ल्ड हाइपरटेंशन लोगों को रेगुलर ब्लड प्रेशर की जांच करने, हेल्दी हार्ट और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. एक बात हमेशा ध्यान रखें कि जब तक आपका दिल धड़क रहा है, तब तक आपकी सांसें चल रही हैं, आप जीवित हैं. ऐसे में आप अपने ब्लड प्रेशर को सही रखकर ही अपने दिल की भी हिफाजत कर सकते हैं. ऐसे में ये भी जानना जरूरी है कि एक नॉर्मल व्यक्ति का ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए? कितना रक्तचाप सेहत के लिए खराब हो सकता है? ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए क्या करना चाहिए, कैसे करें रक्तचाप की जांच? उच्च रक्तचाप से बचाव के उपाय क्या हैं?
हाई ब्लड प्रेशर गंभीर स्वास्थ्य संकट कैसे है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग 11 लाख लोगों की मौत हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित समस्याओं के कारण हो जाती है. ऐसे में उच्च रक्तचाप सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है.
क्यों कहते हैं हाई बीपी को‘साइलेंट किलर’?
एक्सपर्ट्स हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं, क्योंकि शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अनुसार,यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर लगातार 140/90 mmHg या उससे अधिक रहता है, तो यह उच्च रक्तचाप कहलाता है.
डब्ल्यूएचओ की 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में लगभग 1.4 बिलियन लोग हाई बीपी से प्रभावित हैं. इनमें से लगभग 44 प्रतिशत लोगों को यह तक पता नहीं होता कि वे इस बीमारी से जूझ रहे हैं. कई मामलों में बीमारी का पता तब चलता है, जब हार्ट अटैक, स्ट्रोक या किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थिति सामने आ जाती है.
ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) को दो संख्याओं में मापा जाता है-
सिस्टोलिक (ऊपरी संख्या) : इसमें हार्ट ब्लड पंप करता है.
डायस्टोलिक (निचली संख्या) : इसमें दिल आराम की स्थिति में होता है.
सामान्य ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए?
120/80 mmHg को नॉर्मल ब्लड प्रेशर कहा जाता है.
कब माना जाता है हाई ब्लड प्रेशर?
थोड़ा बढ़ा हुआ BP
जब 130/80 से 139/89 mmHg हो तो इसे थोड़ा बढ़ा हुआ बीपी माना जाता है. ऐसे में जीवनशैली सुधारने की जरूरत होती है.
उच्च रक्तचाप (Hypertension)
140/90 mmHg या इससे अधिक को उच्च रक्तचाप कहते हैं. इसे समय रहते कंट्रोल ना किया जाए तो आपको हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी रोग का खतरा बढ़ सकता है.
बहुत ज्यादा खतरनाक बीपी
180/120 mmHg या इससे भी अधिक होना एक मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
लो ब्लड प्रेशर कितना होता है?
कम रक्तचाप (Low BP) 90/60 mmHg या इससे भी कम. इसमें आपको कमजोरी, चक्कर, धुंधला दिखना या बेहोशी जैसी समस्या हो सकती है.
खराब जीवनशैली बढ़ा रहा हाई बीपी का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल लोगों के खानपान में नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है. कभी भी प्रतिदिन 5 ग्राम यानी लगभग एक चम्मच से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए,लेकिन लोग फास्ट फूड, पैकेटबंद स्नैक्स पर इतने अधिक निर्भर होते जा रहे हैं कि ये शरीर में सोडियम बढ़ाकर बीपी को तेजी से बढ़ा देते हैं. साथ ही लगातार घंटों एक ही जगह पर बैठकर काम करते रहना. एक्सरसाइज न करना, स्ट्रेस, एंजायटी, डिप्रेशन, फिजिकल एक्टिविटी कम आदि बातें हाई बीपी के बड़े कारण बन रहे हैं. तनाव के दौरान शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ते हैं, जो ब्लड प्रेशर को तेजी से प्रभावित करते हैं.
प्रदूषण के कारण भी बढ़ रहा ब्लड प्रेशर
हालिया शोधों में यह बात सामने आई है कि हवा में मौजूद पीएम2.5 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कण रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देते हैं. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हार्ट डिजीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार, सही खानपान, रेगुलर एक्सरसाइज, समय पर दवा लेने से हाई बीपी को काफी हद तक कंट्रोल में रख सकते हैं. इस बार हाई ब्लड प्रेशर डे की थीम ‘एक साथ मिलकर उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करें’ रखी गई है. इसका मतलब ये है कि आज परिवार और समाज को मिलकर इस बीमारी से लड़ने की जरूरत है. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना है तो आप नमक कम खाएं, हर दिन व्यायाम करें, स्ट्रेस दूर करें, धूम्रपान और शराब के सेवन से परहेज करें, नियमित BP जांच कराएं, डॉक्टर की सलाह अनुसार दवा लें.





