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Diabetes Summer Tips: भीषण गर्मी का असर मधुमेह यानी डायबिटीज मरीजों पर अधिक गंभीर हो सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तेज तापमान और शरीर में पानी की कमी से ब्लड शुगर का स्तर प्रभावित हो सकता है, जिससे मरीजों की स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है. डिहाइड्रेशन के कारण कमजोरी, चक्कर, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं. डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में डायबिटीज मरीजों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और लंबे समय तक धूप में रहने से बचना चाहिए. संतुलित आहार, नियमित दवा और समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच करना बेहद जरूरी है. विशेषज्ञ हल्का और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दे रहे हैं. साथ ही कैफीन और अधिक मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है.
जोधपुर: राजस्थान में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी अब मधुमेह मरीजों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है. जोधपुर के मथुरा दास माथुर अस्पताल में सेवाएं दे रहे मधुमेह विशेषज्ञ डॉक्टर रौनक गांधी ने बताया कि जिन मरीजों की मधुमेह नियंत्रित नहीं रहती, उनमें शरीर से पानी की कमी होने का खतरा सबसे अधिक रहता है.उन्होंने कहा कि जब शरीर में शुगर का स्तर बढ़ता है तो ग्लूकोज़ के साथ पानी भी अधिक मात्रा में पेशाब के जरिए बाहर निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है और भीषण गर्मी इसे और गंभीर बना देती है. ऐसे में मरीजों को नियमित रूप से पर्याप्त पानी पीना चाहिए और प्यास लगने के संकेत को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
उन्होंने बताया कि मधुमेह की कुछ दवाइयाँ, जिन्हें ग्लिफ्लोज़िन वर्ग की दवाइयां कहा जाता है, जैसे डापा ग्लिफ्लोज़िन और एम्पा ग्लिफ्लोज़िन, शुगर नियंत्रित करने के साथ हृदय और किडनी के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिन ये पेशाब की मात्रा बढ़ाकर शरीर में पानी की कमी भी बढ़ा सकती हैं. इसलिए गर्मी के मौसम में मधुमेह मरीजों को विशेष सावधानी बरतने, धूप से बचने, हल्का भोजन करने और नियमित रूप से शुगर की जांच करवाने की सलाह दी गई है.
हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाव
डॉक्टर रौनक गांधी ने सलाह दी कि मधुमेह मरीज प्यास लगने का इंतजार न करें और समय-समय पर पानी पीते रहें.शरीर जब पानी की जरूरत महसूस कराता है तो उस संकेत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाव किया जा सकता है.
मरीजों को गर्मी में अधिक सतर्क
उन्होंने यह भी बताया कि डायबिटीज़ की कुछ दवाइयाँ, खासकर एसजीएलटी-2 इनहिबिटर्स, शरीर में यूरिन की मात्रा बढ़ा देती हैं. डापा ग्लिफ्लोज़िन और एम्पा ग्लिफ्लोज़िन जैसी दवाइयाँ शुगर कंट्रोल, हार्ट और किडनी के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन इनके कारण शरीर में पानी की कमी बढ़ सकती है.इसलिए इन दवाइयों का सेवन करने वाले मरीजों को गर्मी में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है.
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