पश्चिम एशिया में शांति के लिए भारत हर संभव सहयोग देने को तैयार : प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ शुक्रवार को बातचीत की और कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
इस दौरान दोनों पक्षों ने ऊर्जा, रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए।
मोदी ने कहा कि यूएई ने भारत में पांच अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की भी घोषणा की है।
प्रधानमंत्री और अल नाहयान की मुलाकात मोदी के पांच देशों के दौरे के पहले चरण में यूएई पहुंचने के तत्काल बाद हुई। मोदी यूएई में लगभग ढाई घंटा ठहरे और उसके बाद नीदरलैंड के लिए रवाना हो गये। यूएई के नेता के साथ बैठक की शुरुआत में मोदी ने कहा, ‘‘हम यूएई पर हुए हमलों की निंदा करते हैं।’’
ईरान और अमेरिकी-इजराइल युद्ध के दौरान यूएई ईरानी हमलों का शिकार हुआ है। यहां अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य अड्डा है।
मोदी ने कहा, ‘‘यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह अस्वीकार्य है लेकिन यूएई ने जिस तरह से संयम रखते हुए मौजूदा स्थिति को संभाला है वह प्रशंसनीय है।’’
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पश्चिम एशियाई संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग करने को तैयार है।’’ बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने कुछ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘यूएई की इस यात्रा के दौरान ऊर्जा, रक्षा, बुनियादी ढांचे, जहाजरानी और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नयी गति मिली।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, यूएई ने भारत में पांच अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इससे हमारे आर्थिक संबंध और भी मजबूत होंगे।’’
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (देश के सामरिक पेट्रोलियम भंडार के रखरखाव के लिए जिम्मेदार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी) ने अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के साथ ‘सामरिक सहयोग’ के उद्देश्य से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।





