Diseases That Spread Through Rats: घर और दुकानों में चूहों की समस्या कॉमन है. अधिकतर लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार पिंजरा और रैट किलर रखने के बावजूद चूहों की संख्या कम नहीं हो पाती है. चूहे अक्सर खाने-पीने की चीजों के आसपास घूमते हैं. चूहे सिर्फ खाने-पीने की चीजों को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि कई खतरनाक बीमारियों की वजह भी बन सकते हैं. चूहों के मल, पेशाब, लार और शरीर पर मौजूद कीटाणु इंसानों तक गंभीर संक्रमण पहुंचा सकते हैं. खासकर गंदगी वाली जगहों में रहने वाले चूहे कई तरह के बैक्टीरिया और वायरस फैलाने का काम करते हैं. यही वजह है कि घर में चूहों की मौजूदगी को हल्के में नहीं लेना चाहिए. घर से चूहों को खत्म करने के उपाय करने चाहिए.
गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की फिजीशियन डॉ. दीक्षा गोयल ने News18 को बताया घर के अंदर चूहे घूमने से कई गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं. चूहे कई खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस लेकर घूमते हैं. इनके संपर्क में आने से भी जानलेवा कंडीशंस पैदा हो सकती हैं. घरों में चूहे की मौजूदगी लोगों के लिए एक गंभीर समस्या है. चूहों के मल, मूत्र से हंता वायरस फैल सकता है. चूहे के काटने से भी रैट-बाइट फीवर हो सकता है. एक जमाने में प्लेग की समस्या भी चूहों के कारण फैली थी. भारत में प्लेग का सबसे विनाशकारी प्रकोप 1896 में मुंबई में शुरू हुआ था, जो तीसरी महामारी का हिस्सा था और दशकों तक चला. अगस्त-अक्टूबर 1994 में गुजरात के सूरत और अन्य हिस्सों में प्लेग का प्रकोप देखा गया था. प्लेग की वजह से दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत हुई थी. हालांकि अब प्लेग के मामले बहुत रेयर हो गए हैं.
चूहों से फैल सकती हैं ये 5 घातक बीमारियां
हंता वायरस (Hantavirus) : चूहों से फैलने वाली सबसे खतरनाक बीमारियों में हंता वायरस का नाम शामिल है. यह वायरस संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैल सकता है. कई बार सूखे मल या गंदगी की सफाई करते समय वायरस हवा में मिल जाता है और सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, शरीर दर्द, सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी शामिल हो सकती है. गंभीर मामलों में यह फेफड़ों को भी प्रभावित कर सकता है.
लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) : यह बीमारी चूहों के पेशाब से फैलने वाले बैक्टीरिया की वजह से होती है. अगर संक्रमित जगह का पानी या गंदगी शरीर के संपर्क में आ जाए, तो संक्रमण फैल सकता है. इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मसल्स में दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी किडनी और लिवर पर भी असर डालती है.
साल्मोनेला संक्रमण (Salmonella Infection) : चूहे खाने-पीने की चीजों को दूषित कर सकते हैं, जिससे साल्मोनेला संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. यह संक्रमण पेट से जुड़ी समस्याएं पैदा करता है. संक्रमित खाना खाने से दस्त, पेट दर्द, बुखार और उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है. छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है.
प्लेग (Plague) : आज के समय में प्लेग के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं, लेकिन यह बीमारी इतिहास की सबसे खतरनाक महामारियों में शामिल रही है. यह बीमारी चूहों पर रहने वाले संक्रमित पिस्सुओं के जरिए इंसानों तक पहुंच सकती है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, सूजी हुई गांठें और कमजोरी शामिल हो सकती है.
रैट-बाइट फीवर (Rat-Bite Fever) : अगर चूहा काट ले या उसके संपर्क से संक्रमण फैल जाए, तो रैट-बाइट फीवर होने का खतरा रहता है. इसमें बुखार, जोड़ों में दर्द, उल्टी और त्वचा पर दाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय पर इलाज जरूरी होता है, वरना संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है.
चूहों से कैसे करें बचाव?
एक्सपर्ट की मानें तो घर को हमेशा साफ-सुथरा रखें और खाने की चीजों को खुला न छोड़ें. कूड़ा समय पर बाहर फेंकें और घर के कोनों या दीवारों के छेद बंद कर दें, ताकि चूहे अंदर न आ सकें. अगर घर में ज्यादा चूहे दिखाई दें, तो तुरंत पेस्ट कंट्रोल करवाना बेहतर रहेगा. साथ ही चूहों की गंदगी साफ करते समय दस्ताने और मास्क का इस्तेमाल जरूर करें. चूहों को मामूली परेशानी समझने की गलती सेहत पर भारी पड़ सकती है. इसलिए समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.





