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World First Nuclear Test: न्यू मैक्सिको में 1945 में हुए दुनिया के पहले परमाणु धमाके ने एक ऐसा रहस्यमयी क्रिस्टल बनाया है जिसे देखकर वैज्ञानिक हैरान हैं. धमाके की भीषण गर्मी और दबाव से पैदा हुए इस ‘ट्रिनिटाइट’ कांच में एक दुर्लभ क्लैथ्रेट क्रिस्टल मिला है. यह पिंजरे जैसी संरचना वाला क्रिस्टल कुदरत के सामान्य नियमों से बिल्कुल अलग है.
परमाणु बम की आग में कैसे बनी होगी ऐसी अजीब संरचना. (Photo made with AI)
नई दिल्ली: जुलाई 1945 की वह सुबह दुनिया के लिए सबसे खौफनाक साबित हुई थी. न्यू मैक्सिको के रेगिस्तान में अमेरिका ने अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था. इस धमाके ने इतनी ऊर्जा पैदा की जिसने लोहे के टावर को भाप बना दिया था. वहां की रेत पिघलकर कांच में तब्दील हो गई थी. वैज्ञानिकों ने इस कांच को ‘ट्रिनिटाइट’ नाम दिया था. अब 80 साल बाद इसी मलबे में कुछ ऐसा मिला है जो आज तक इंसानों ने नहीं देखा था. इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरेंस के वैज्ञानिकों ने इस लाल कांच में एक बेहद अनोखा क्रिस्टल खोजा है.
पिंजरे जैसा दिखने वाला यह रहस्यमय क्रिस्टल क्या है?
रिसर्चर्स ने जब रेड ट्रिनिटाइट की जांच की तो उन्हें इसमें ‘क्लैथ्रेट’ नाम की संरचना मिली. यह एक खास तरह का क्रिस्टल है जिसमें सिलिकॉन के परमाणु एक पिंजरे जैसा ढांचा बनाते हैं. इस ढांचे के अंदर कॉपर और कैल्शियम के एटम फंसे हुए पाए गए हैं.
पहले परमाणु धमाके से बना सबसे दुर्लभ क्रिस्टल. (Image credit: Luca Bindi and Paul J. Steinhardt.)
क्या भीषण गर्मी और दबाव ने इसे जन्म दिया?
ट्रिनिटी टेस्ट के दौरान तापमान 1,500 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच गया था. वहां का दबाव धरती की गहराई में मौजूद दबाव के बराबर हो गया था. इतनी चरम स्थितियों में परमाणु उन रास्तों पर चलने को मजबूर हो गए जो सामान्य तौर पर संभव नहीं हैं.
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दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें





