डोंगरगढ़।छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव ग्रामीण के सचिव विष्णु लोधी ने NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने की घटना को देश की शिक्षा व्यवस्था और केन्द्र सरकार की गंभीर विफलता बताते हुए कहा है कि यह केवल एक परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं, बल्कि 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों के सपनों, विश्वास और वर्षों की मेहनत पर गहरा आघात है।
विष्णु लोधी ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत कर डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार अपनी आर्थिक परेशानियों के बावजूद बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं, लेकिन जब परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों के लीक होने और अनियमितताओं की खबरें सामने आती हैं तथा अंततः परीक्षा रद्द करनी पड़ती है, तब यह सरकार की जवाबदेही और प्रशासनिक क्षमता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है?
यदि परीक्षा प्रणाली सुरक्षित थी तो परीक्षा रद्द क्यों करनी पड़ी?
यदि गड़बड़ी हुई थी तो जिम्मेदार लोगों पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
देश का युवा जानना चाहता है कि उसकी मेहनत और भविष्य के साथ बार-बार खिलवाड़ क्यों हो रहा है।
विष्णु लोधी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 89 पेपर लीक और 48 बार पुनः परीक्षाएं होना इस बात का प्रमाण है कि केन्द्र सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने में पूरी तरह असफल रही है। हर बार बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, जांच समितियां बनती हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही घटनाएं सामने आती हैं और फिर सरकार की खामोशी शुरू हो जाती है।
उन्होंने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा का रद्द होना देश के शिक्षा तंत्र पर जनता के भरोसे को कमजोर करता है। इससे सबसे अधिक नुकसान उन ईमानदार और मेहनती विद्यार्थियों का होता है जिन्होंने पूरी निष्ठा से तैयारी की थी। परीक्षा रद्द होने के कारण विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव, आर्थिक बोझ और भविष्य को लेकर असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई है।
विष्णु लोधी ने केन्द्र सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों को कठोर सजा दी जाए, परीक्षा माफियाओं और उनसे जुड़े संरक्षणकर्ताओं की पहचान सार्वजनिक की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी राष्ट्रीय परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
अंत में विष्णु लोधी ने कहा कि देश का युवा अब केवल भाषण और आश्वासन नहीं चाहता, बल्कि जवाबदेही और न्याय चाहता है। युवाओं के सपनों की रक्षा करना किसी भी सरकार का नैतिक दायित्व होता है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रूप से आज केन्द्र सरकार उसी जिम्मेदारी से भागती नजर आ रही है।





