बयान में आगे कहा गया, “सीजफायर के बाद और इस्लामाबाद में बातचीत के शुरुआती दौर के दौरान, वार्ता प्रक्रिया से जुड़े कूटनीतिक अधिकारियों, सुरक्षा टीमों और सरकारी कर्मचारियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए ईरान और अमेरिका से कई एयरक्राफ्ट पाकिस्तान पहुंचे। अगले दौर की बातचीत की उम्मीद में कुछ एयरक्राफ्ट और सपोर्ट स्टाफ कुछ समय के लिए पाकिस्तान में ही रुके रहे।”
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हालांकि औपचारिक बातचीत अभी तक दोबारा शुरू नहीं हुई है, लेकिन वरिष्ठ स्तर पर कूटनीतिक संपर्क जारी हैं। इसी सिलसिले में ईरान के विदेश मंत्री का इस्लामाबाद दौरा मौजूदा लॉजिस्टिक और प्रशासनिक इंतजामों के जरिए संभव बनाया गया था। पाकिस्तान में मौजूद ईरानी एयरक्राफ्ट सीजफायर के दौरान आया था और उसका किसी सैन्य आपातस्थिति या बचाव व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि इसके उलट किए जा रहे दावे अंदाजों पर आधारित, भ्रामक और वास्तविकता से पूरी तरह अलग हैं।





