राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र में माइनिंग अधिकारी बनकर अवैध वसूली करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से स्विफ्ट कार भी जब्त की है।
जानकारी के अनुसार, प्रार्थी रामसिंह राजपूत, निवासी ग्राम दर्री, ने थाना डोंगरगांव में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह ट्रांसपोर्टिंग और जेसीबी कार्य का व्यवसाय करता है ग्राम आमगांव में किसान यशवंत साहू के खेत में जेसीबी और ट्रैक्टर से मिट्टी समतलीकरण का कार्य चल रहा था, तभी स्विफ्ट कार में सवार तीन लोग मौके पर पहुंचे।
आरोप है कि कार में सवार रवि शर्मा, रेहाना बेगम और शेख अरमान ने खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताया और अवैध खनन का आरोप लगाकर डराया-धमकाया। उन्होंने कार्रवाई और बदनामी की धमकी देकर 10 हजार रुपये की मांग की, जिसके बाद भयवश प्रार्थी ने मोबाइल के माध्यम से 6 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
सूचना मिलते ही डोंगरगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुमरदा पेट्रोल पंप के पास तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में रेहाना बेगम ने खुद को पत्रकार बताया।पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ धारा 204, 308(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है।
इस कार्रवाई में प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार, निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उप निरीक्षक पुष्पराज साहू, सउनि अनिल यादव, आरक्षक हेमंत सुर्यवंशी, बीसराम वर्मा, महिला आरक्षक अभिलाषा सिंह और महिला आरक्षक राजकुमारी रत्नाकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को शासकीय अधिकारी बताकर अवैध वसूली या धमकी दे, तो तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें।
डोंगरगांव पुलिस ने फर्जी माइनिंग अधिकारी बनकर वसूली करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ट्रांसपोर्टर को अवैध खनन का डर दिखाकर 10 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें से 6 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों को स्विफ्ट कार सहित पकड़ लिया और मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है।





