हिडेन जेम अलर्ट! हैदराबाद के इस वॉच टॉवर में छिपी है निज़ाम काल की कहानी, ट्रेकिंग लवर्स के लिए जन्नत


Last Updated:

Hyderabad Watch Tower History: हैदराबाद की पहाड़ियों में स्थित निज़ाम काल का ऐतिहासिक वॉच टॉवर आज भी अपनी अनोखी पहचान बनाए हुए है. यह टॉवर कभी निगरानी और सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाता था, जहां से आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखी जाती थी. समय के साथ यह जगह अब एडवेंचर और इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है. यहां तक पहुंचने के लिए ट्रेकिंग करनी पड़ती है, जो रोमांच को और बढ़ा देती है. पहाड़ियों की प्राकृतिक खूबसूरती और पुराने स्थापत्य का मेल इस स्थान को खास बनाता है. यह छिपा हुआ पर्यटन स्थल उन लोगों के लिए परफेक्ट है, जो भीड़-भाड़ से दूर इतिहास और प्रकृति का आनंद लेना चाहते हैं.

ख़बरें फटाफट

हैदराबाद: आधुनिकता की चकाचौंध और ऊंची इमारतों के बीच अक्सर कुछ ऐसे ऐतिहासिक पन्ने दब जाते हैं जिनकी गूंज आज भी सन्नाटों में सुनाई देती है. ऐसा ही एक गुमनाम स्थल है वाडेकपल्ली वॉच टॉवर. हैदराबाद शहर से लगभग 36 किलोमीटर और पटनचेरु से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह स्थान आज भी पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए किसी छिपे हुए खजाने से कम नहीं है.

स्थानीय जानकारों के अनुसार इस वॉच टॉवर का निर्माण छठे निज़ाम के शासनकाल के दौरान किया गया था. यह केवल एक पत्थर की संरचना नहीं थी बल्कि निज़ाम की सेना का एक महत्वपूर्ण रक्षा केंद्र था. रणनीतिक रूप से ऊंचाई पर बने इस टॉवर से गार्ड्स चारों ओर मीलों दूर तक नज़र रखते थे, ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ या हमले की सूचना समय रहते निज़ाम तक पहुँचाई जा सके. 18वीं शताब्दी की यह धरोहर आज भी अपनी मजबूती की कहानी बयां करती है.

पत्थर अब उतने सुरक्षित नहीं रहे
वाडेकपल्ली वॉच टॉवर तक पहुँचना किसी रोमांचक सफर से कम नहीं है. पथरीले रास्तों, कटीली झाड़ियों और ऊंची चढ़ाई को पार करने के बाद जब सैलानी इसके शिखर पर पहुँचते हैं तो वहाँ से दिखने वाला पैनोरमिक व्यू सारी थकान मिटा देता है. एक ओर जहाँ हैदराबाद का तेजी से होता शहरी विकास दिखता है, वहीं दूसरी ओर हरियाली और शांति का अहसास होता है. हालांकि देखरेख के अभाव में टॉवर की हालत अब कुछ जर्जर होने लगी है और इसके पत्थर अब उतने सुरक्षित नहीं रहे.

अब धीरे-धीरे सूखने की कगार पर
भले ही यह स्थान एडवेंचर पसंद युवाओं के लिए पसंदीदा बनता जा रहा है लेकिन यहाँ तक पहुँचने का रास्ता आज भी दुर्गम है. पथरीली गुफाओं और संकरे रास्तों के बीच बसे इस टॉवर के आसपास कई बार जंगली जानवरों और सांपों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है. पास ही में निज़ाम काल का एक प्राचीन तालाब भी स्थित है जो अब धीरे-धीरे सूखने की कगार पर है.

शोर-शराबे से दूर इतिहास की गोद में कुछ पल
वाडेकपल्ली वॉच टॉवर न केवल एक पर्यटन स्थल है बल्कि यह तेलंगाना की गौरवशाली सैन्य विरासत का हिस्सा है. यदि सरकार और पुरातत्व विभाग इस ओर ध्यान दें तो यह न केवल एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट बन सकता है फिलहाल यह स्थान उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो शहर के शोर-शराबे से दूर इतिहास की गोद में कुछ पल बिताना चाहते हैं.

About the Author

Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img