सूरज की रोशनी फायदेमंद या खतरनाक? जानिए कैसे यही धूप बन जाती है सनबर्न की वजह!


Last Updated:

सूर्य धरती पर जीवन का सबसे बड़ा आधार है. यह हमें रोशनी और ऊर्जा देता है, लेकिन इसकी तेज किरणें कई बार त्वचा के लिए नुकसानदायक भी साबित होती हैं. खासकर गर्मियों में सनबर्न की समस्या तेजी से बढ़ती है, जिससे त्वचा लाल, जलन भरी और दर्दनाक हो जाती है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

सनबर्न से बचाव जरूरी.

सूर्य को जीवन का स्रोत कहा जाता है, क्योंकि इसके बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है. यह न केवल हमें रोशनी देता है, बल्कि शरीर के लिए जरूरी विटामिन D बनाने में भी मदद करता है, जो हड्डियों को मजबूत रखने के लिए बेहद जरूरी है. हालांकि, सूर्य की रोशनी जितनी फायदेमंद है, उतनी ही नुकसानदायक भी हो सकती है, अगर इसका संतुलन न रखा जाए. ज्यादा देर तक तेज धूप में रहने से त्वचा को गंभीर नुकसान हो सकता है, यहां तक कि लंबे समय में त्वचा कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए हर साल अंतरराष्ट्रीय सूर्य दिवस मनाकर लोगों को सूर्य के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में जागरूक किया जाता है.

सूर्य से पृथ्वी तक आने वाली ऊर्जा कई रूपों में होती है. इनमें मुख्य रूप से तीन तरह की किरणें शामिल हैं- इन्फ्रारेड, विजिबल लाइट और अल्ट्रावॉयलेट किरणें. इन्फ्रारेड किरणें हमें गर्मी का एहसास कराती हैं, जबकि विजिबल लाइट वही रोशनी है जिसे हम अपनी आंखों से देख पाते हैं. सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाली किरणें अल्ट्रावॉयलेट यानी यूवी किरणें होती हैं, जिन्हें हम देख नहीं सकते लेकिन ये त्वचा पर सीधा असर डालती हैं. यही यूवी किरणें सनबर्न की असली वजह होती हैं.

जब त्वचा लंबे समय तक यूवी किरणों के संपर्क में रहती है, तो त्वचा की कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं. शरीर इस नुकसान के खिलाफ प्रतिक्रिया देता है, जिसके कारण त्वचा लाल पड़ जाती है, सूजन आ जाती है और जलन या दर्द महसूस होता है. यही स्थिति सनबर्न कहलाती है. कई बार त्वचा छिलने भी लगती है, जो इस बात का संकेत है कि कोशिकाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि यूवी किरणें सिर्फ सीधी धूप में ही नहीं, बल्कि आसपास की सतहों से टकराकर भी त्वचा तक पहुंच सकती हैं. पानी, बर्फ, रेत और कंक्रीट जैसी सतहें इन किरणों को रिफ्लेक्ट कर देती हैं, जिससे छांव में बैठे रहने पर भी सनबर्न हो सकता है. यहां तक कि बादलों के बीच से भी ये किरणें गुजर जाती हैं, इसलिए हल्की धूप या बादल वाले दिन भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जाते.

सनबर्न से बचाव के लिए कुछ आसान सावधानियां अपनाना जरूरी है. कोशिश करें कि सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे के बीच तेज धूप में बाहर न निकलें, क्योंकि इस समय यूवी किरणें सबसे ज्यादा सक्रिय होती हैं. बाहर जाते समय हल्के रंग के फुल स्लीव कपड़े पहनें, चौड़ी टोपी और सनग्लासेस का इस्तेमाल करें. इसके साथ ही कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं और हर कुछ घंटों में दोबारा अप्लाई करें. शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद जरूरी है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. अगर सनबर्न हो जाए, तो ठंडे पानी से सिकाई करें, मॉइश्चराइजर लगाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लें.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img