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Ghaziabad News : गाजियाबाद में लगातार बढ़ते तापमान से आम जनजीवन प्रभावित है, लेकिन सबसे ज्यादा खतरा हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों को है. ऐसे मरीज जिनको पहले से ही ब्लड प्रेशर या शुगर की समस्या है, गर्मियों में उनका शरीर तापमान को संतुलित करने में कमजोर पड़ जाता है. गाजियाबाद के डॉ. सौरभ गुप्ता लोकल 18 से बताते हैं कि इस मौसम में ज्यादा पानी वाले फल, सलाद और नींबू पानी का सेवन करें. मीठे और अधिक शुगर वाले पेय पदार्थों से दूर रहें.
गाजियाबाद. बढ़ती गर्मी अब गाजियाबाद के लोगों के लिए गंभीर परेशानी बनती जा रही है. तापमान लगातार बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा खतरा हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों पर मंडरा रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी समस्या पैदा कर सकती है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है. इन दिनों तेज लू और लगातार बढ़ती गर्मी शरीर पर सीधा असर डाल रही है. खासकर ऐसे मरीज जिनको पहले से ही ब्लड प्रेशर या शुगर की समस्या है उनका शरीर तापमान को संतुलित करने में कमजोर पड़ जाता है. यही वजह है कि इन मरीजों में लू लगने और शरीर में पानी की कमी होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
सीधा असर दिमाग पर
यशोदा मेडिसिटी के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सौरभ गुप्ता लोकल 18 से बताते हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ ही कई तरह की बीमारियां भी तेजी से बढ़ने लगती हैं. लू चलने से शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी हो जाती है. इसका सीधा असर डायबिटीज के मरीजों पर पड़ता है, जिससे उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. यह स्थिति आगे चलकर लिवर, किडनी और दिमाग पर भी असर डाल सकती है. ब्लड प्रेशर के मरीजों में भी इस मौसम में उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिलता है. अधिक पसीना आने और शरीर में पानी की कमी होने के कारण ब्लड प्रेशर कभी बहुत कम तो कभी बहुत ज्यादा हो सकता है.
11 से 4 बजे का टाइम सबसे घातक
डॉ. सौरभ का कहना है कि गर्मियों में सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना. मरीजों को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह लेकर ही पानी का सेवन करें. खासकर जिनको हार्ट, लिवर या किडनी की समस्या है. दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए. यदि जरूरी काम हो तभी बाहर जाएं और सिर व शरीर को ढककर रखें. हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनना भी फायदेमंद होता है जिससे शरीर पर गर्मी का असर कम पड़ता है.
खानपान में बदलाव भी जरूरी
डॉ. सौरभ के मुताबिक, खानपान में भी बदलाव जरूरी है. ज्यादा पानी वाले फल, सलाद और नींबू पानी का सेवन फायदेमंद होता है जबकि मीठे और अधिक शुगर वाले पेय पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए. दवाओं को समय पर लेना और नियमित जांच कराना भी बेहद जरूरी है.
यदि पेशाब कम आने लगे, भूख न लगे, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या चक्कर आने जैसी समस्या हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर गर्मी के इस खतरनाक प्रभाव से बचा जा सकता है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें





