भारत में इस समय पड़ रही भीषण गर्मी के कारण कूलिंग डिवाइसेस की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में जिन लोगों को पोर्टेबल यानी आसानी से इधर-उधर ले जाने वाला ऑप्शन चाहिए, उनके सामने दो मुख्य ऑप्शन आते हैं- Portable AC और टावर एयर कूलर. लेकिन सही चुनाव करना आसान नहीं होता, क्योंकि दोनों के अपने फायदे और कमियां हैं.
सबसे पहले कूलिंग परफॉर्मेंस की बात करें तो टावर एयर कूलर हवा को तेज़ी से एक दिशा में फेंकता है. अगर आप इसके सामने बैठे हैं तो आपको तुरंत ठंडक महसूस होगी. लेकिन यह पूरे कमरे को जल्दी ठंडा नहीं कर पाता, खासकर बड़े कमरे में.
इसके अलावा, अगर आपके इलाके में नमी (Humidity) ज्यादा है, जैसे मुंबई या कोच्चि, तो कूलर की कूलिंग और कम हो जाती है.
वहीं Portable AC की बात करें तो यह बिल्कुल AC की तरह काम करता है. इसमें कंप्रेसर और रेफ्रिजरेंट गैस होती है, जो कमरे का तापमान वास्तव में कम कर देती है. इसलिए इसकी कूलिंग ज्यादा प्रभावी और तेज होती है. हालांकि, इसमें एक एग्जॉस्ट पाइप होता है, जिसे खिड़की या बाहर की तरफ लगाना जरूरी होता है, जो थोड़ा सेटअप मांगता है.
बिजली कौन बचाएगा
अब बात करते हैं बिजली खर्च की, जो आज के समय में सबसे अहम फैक्टर है.
टावर एयर कूलर यहां सबसे आगे है. यह कम बिजली खपत करता है और महीने का बिल सिर्फ ₹200 से ₹350 तक बढ़ाता है. दूसरी तरफ Portable AC ज्यादा बिजली लेता है, जिससे आपका बिजली बिल ₹1,500 से ₹2,500 तक बढ़ सकता है.
कीमत में कौन ज्यादा?
कीमत भी एक बड़ा अंतर पैदा करती है. टावर एयर कूलर आपको ₹6,000 से ₹14,000 के बीच मिल जाता है, जो बजट फ्रेंडली है. जबकि पोर्टेबल एसी के लिए आपको ₹25,000 से ₹35,000 तक खर्च करना पड़ सकता है. कई मामलों में इस कीमत पर लोग Split AC लेना ज्यादा बेहतर समझते हैं.
आखिर में, अगर आपका बजट कम है, कमरा छोटा है और बिजली बचाना चाहते हैं, तो टावर एयर कूलर बेहतर रहेगा. लेकिन अगर आपको तेज और पूरी तरह कूलिंग चाहिए, तो पोर्टेबल एसी सही ऑप्शन है.





