
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
केंद्र में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए नरेंद्र मोदी रविवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इधर, कांग्रेस खेमे में भी हलचल शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी इस बार मजबूत विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाने वाली है। शनिवार शाम को राष्ट्र और राजे पार्टी की बैठक है। इस बैठक में सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) का फिर से अध्यक्ष चुना जा सकता है। साथ ही इस बैठक में पार्टी नेता राहुल गांधी को प्रमुख भूमिका देने की मांग उठ सकती है। राहुल गांधी को विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है। राहुल गांधी ने इस बार केरल की वायनाड और रायबरेली, दोनों ही सीटों से राष्ट्रीय चुनाव जीता है।
विपक्षी दलों ने कांग्रेस में सबसे ज्यादा मौतें कीं
कांग्रेस में राहुल गांधी को विपक्ष का नेता बनाया जाए। इसके लिए आज शाम कांग्रेस की होने वाली मुलाकात में केसी वेणुगोपाल, मणिकम टैगोर और गौरव गोगोई सहित पार्टी के नेताओं द्वारा हाथ बढ़ाकर यह मांग करने जाने की उम्मीद है। कांग्रेस का नेता ही सदन में विपक्ष का नेता होगा, क्योंकि पार्टी ने कांग्रेस चुनाव में सबसे ज्यादा हार मानी है।
बाद में की जा सकती है घोषणा
पार्टी ने कहा कि यह सोनिया गांधी पर निर्भर करेगी कि वह कांग्रेस में पार्टी के नेता के रूप में राहुल गांधी के नाम का फैसला करती हैं या किसी अन्य नेता का चयन करती हैं। इस मुद्दे पर अभी कोई निर्णय होने की उम्मीद कम है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बाद में प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इस पर अपनी राय रखी होगी। सोनिया गांधी अभी भी राज्य की सदस्य हैं। कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खडगे राजघराने में विपक्ष के नेता हैं।
कांग्रेस ने किया बेहतर प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक आज सुबह होगी, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की सराहना की जाएगी। पार्टी के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खडगे को दिया जा सकता है। पार्टी ने पिछले दो लोकसभा चुनावों 2014 और 2019 में 44 और 52 सीटों की तुलना में इस बार 99 सीटें जीती हैं।
