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America Secret Service vs SPG: चुनाव प्रचार अभियान के दौरान साल 2024 में डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करने के इरादे से उन पर लगातार पांच गोलियां चलाई गई थीं. गनीमत रही कि वे बच गए और गोली उनके कान के पास से गुजर गई. अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपतियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक खास एजेंसी के पास होती है. जिस तरह भारत में SPG यह जिम्मेदारी संभालती है, ठीक उसी तरह अमेरिका में ये जिम्मेदारी सीक्रेट सर्विस के पास होता है. यह FBI, CIA से अलग एजेंसी होती है. इसके एजेंट्स को खासतौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर प्रशिक्षित किया जाता है. ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि भारतीय एजेंसियां NSG और SPG अमेरिका की सीक्रेट सर्विस से कितना अलग है?
वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड (Donald Trump) और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) को उस समय कार्यक्रम स्थल से तुरंत बाहर ले जाया गया, जब एक शख्स शॉटगन लेकर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश करता पाया गया. अधिकारियों के अनुसार, घटना 25 अप्रैल 2026 को हुई और मौके पर मौजूद सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को काबू में कर लिया. Federal Bureau of Investigation (FBI) ने पुष्टि की है कि नेशनल कैपिटल रिस्पॉन्स स्क्वाड ने वॉशिंगटन हिल्टन में हुई इस घटना पर तेजी से प्रतिक्रिया दी और संदिग्ध अब हिरासत में है. सरकारी बयान के मुताबिक, घटना की जांच जारी है और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने तत्काल एक्शन के लिए सीक्रेट सर्विस के एजेंटों की तारीफ की है. (फोटो: Reuters)

सबसे पहले जानते हैं कि अमेरिका की सीक्रेट सर्विस आखिरकार क्या है. मसलन इसकी स्थापना कब और किस उद्देश्य के लिए हुआ था. दरअसल, यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस की स्थापना 1865 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की एक शाखा के रूप में की गई थी. जब इसे बनाया गया था, तब इसका काम अमेरिकी मुद्रा की जालसाजी को रोकना था, क्योंकि उस वक्त अमेरिका में करेंसी की जालसाजी खूब हो रही थी. 1901 में न्यूयॉर्क के बफैलो राष्ट्रपति विलियम मैककिनले की हत्या हो गई. इसके बाद सीक्रेट सर्विस को पहली बार राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई. मौजूदा समय में सीक्रेट सर्विस का मिशन राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और अन्य लोगों की सुरक्षा करना है. इसके अलावा अमेरिका में जो भी आर्थिक अपराध होते हैं, उनकी जांच सीक्रेट सर्विस ही करती है. यह डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड के तहत आती है. (फोटो: Reuters)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यक्रम में गोलीबारी की घटना ने एक बार फिर सीक्रेट सर्विस की तत्परता और प्रशिक्षण को सुर्खियों में ला दिया है. इस दौरान सीक्रेट सर्विज के एजेंट्स ने ठीक उसी तरह प्रतिक्रिया दी जैसा उन्हें ऐसे हालात के लिए प्रशिक्षित किया जाता है. राष्ट्रपति या अन्य हस्तियों की सुरक्षा में तैनात एजेंट हर समय किसी भी संभावित खतरे के लिए तैयार रहते हैं. जैसे ही एजेंटों को खतरे का आभास हुआ, तत्काल काउंटर असॉल्ट टीम (CAT) ने सक्रिय होकर राष्ट्रपति को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया. इस टीम का मुख्य काम राष्ट्रपति को तत्काल खतरे से दूर ले जाना और उसके बाद बचे हुए खतरे से निपटना होता है. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां यह तय करती हैं कि राष्ट्रपति को किस तरह सुरक्षित रखा जाए. उन्हें तुरंत वाहन में ले जाया जाए या किसी सुरक्षित कमरे में रखा जाए. (फाइल फोटो/Reuters)
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अमेरिका में राष्ट्रपति जहां भी जाते हैं, वहां पहले से एक होल्ड रूम तय किया जाता है. यह एक सुरक्षित स्थान होता है, जहां किसी भी आपात स्थिति में राष्ट्रपति को अस्थायी तौर पर रखा जा सकता है. राष्ट्रपति का हर कार्यक्रम स्थल अपने आप में एक हार्डेंड टारगेट होता है, यानी वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम होते हैं, लेकिन उस दायरे के बाहर के इलाके अपेक्षाकृत सॉफ्ट टारगेट होते हैं, जहां जोखिम ज्यादा हो सकता है. अब इस घटना के बाद सीक्रेट सर्विस जांच के अगले चरण में प्रवेश करेगी. इसमें संदिग्ध हमलावर की पहचान, उसके संभावित मकसद और यह जांच शामिल होगी कि वह सुरक्षा घेरे के इतने करीब तक कैसे पहुंचा. इस तरह की आपात स्थिति के लिए सीक्रेट सर्विस रोजाना तैयारी करती है. (फोटो: Reuters)

सीक्रेट सर्विस की तरह SPG को भी प्रशिक्षत किया जाता है, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति पैदा होने पर उससे तुरंत निपटा जा सके. सुरक्षा प्राप्त हस्तियां जहां भी जाती हैं, उससे पहले उस जगह को सुरक्षा के लिहाज से सैनिटाइज किया जाता है. साथ ही कार्यक्रम स्थल के सराउंडिंग्स यानी आसपास के क्षेत्रों पर भी पैनी नजर रखी जाती है. भारत में प्रधानमंत्री की सुरक्षा कई लेयर्स में होती हैं, जिनमें SPG का सुरक्षा चक्र सबसे महत्वपूर्ण होता है. इसके बाद अर्धसैनिक बल और लोकल पुलिस का कड़ा पहरा होता है. SPG को किसी भी तरह के हालात से निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि खतरे को तत्काल न्यूट्रालाइज किया जा सके. (फाइल फोटो/Reuters)

1958 में पूर्व राष्ट्रपति अधिनियम पारित किया गया. इसके तहत सीक्रेट सर्विस को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों, उनकी पत्नी और 15 साल तक की उम्र वाले बच्चों के सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई. अगर कोई राष्ट्रपति फिर से शादी कर ले, तो पत्नी की सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं होती है. राष्ट्रपति के पद छोड़ने के बाद उनके वयस्क बच्चों को मिलने वाली सुरक्षा स्वत: ही समाप्त हो जाती है. (फाइल फोटो/Reuters)





