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Marco Rubio India Visit: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की तुलना नरक से कर डाली थी. इस बायान पर बवाल मचने के बाद उन्होंने भारत को पक्का दोस्त बताया. अब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे की तैयारी की जा रही है. इस दौरान कई मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है.
भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूती देने के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो मई महीने में भारत की यात्रा करने वाले हैं. (फाइल फोटो/Reuters)
Marco Rubio India Visit: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत को लेकर कथित विवादित बयान के बाद कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. ट्रंप ने भारत को नरक तक बता दिया था. उनके इस बयान की तीखी आलोचना शुरू हो गई थी. इसी बीच अब वॉशिंगटन की ओर से रिश्तों को संतुलित करने की कोशिशें भी साफ दिख रही हैं. इस कड़ी में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मई में भारत दौरे की तैयारी ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है.
सूत्रों के मुताबिक, रुबियो का यह दौरा मई के तीसरे या चौथे हफ्ते में हो सकता है, जिसमें 24 मई के आसपास उनके भारत पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं हुई है. यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि ट्रंप के हालिया बयान से उपजे विवाद के बीच दोनों देशों के रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे.
रुबियो के एजेंडे पर क्या?
रुबियो की यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है. साथ ही क्वाड (Quad) को फिर से सक्रिय करने पर भी जोर रहेगा. जापान और ऑस्ट्रेलिया पहले ही इस मंच की उच्च स्तरीय बैठकों को फिर से शुरू करने के पक्ष में हैं.
विक्रम मिस्री ने सेट किया टोन
इस बीच भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच गहन बातचीत हुई है. उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति, विशेषकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और वैश्विक शिपिंग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. ईरान जंग और एनर्जी क्राइसिस के बीच रुबिया की भारत यात्रा का महत्व काफी बढ़ गया है.
ट्रंप ने क्या कहा था?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूढ़िवादी लेखक और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज का जन्मसिद्ध नागरिकता के बारे में एक विवादित टेक्स्ट साझा किया है. इसमें सैवेज ने दावा किया कि मौजूदा कानून, प्रवासियों को अपनी गर्भावस्था के नौवें महीने में अमेरिका पहुंचकर स्थानीय कानूनों का फायदा उठाने की अनुमति देता है. माइकल सैवेज का जो बयान ट्रंप ने शेयर किया है, उसमें लिखा है, ‘हां एक बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे पूरे परिवार को चीन या भारत या दुनिया की किसी और नरक से ले आते हैं. यह देखने के लिए आपको ज्यादा दू जाने की जरूरत नहीं है. यहां अब इंग्लिश नहीं बोली जाती.’ इसके बाद भारत में ट्रंप के इस कदम की कड़ी आलोचना होने लगी.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें





