डायबिटीज के मरीजों के घाव जल्दी क्यों नहीं भरते हैं? क्या होती है इसकी वजह, कैसे हीलिंग प्रोसेस होगी तेज


Last Updated:

Slow Healing in Diabetes Causes: डायबिटीज में हाई ब्लड शुगर, खराब ब्लड सर्कुलेशन और कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण घाव देर से भरते हैं. जब शरीर में शुगर का स्तर लगातार ज्यादा रहता है, तो ब्लड वेसल्स प्रभावित होती हैं और घाव तक ऑक्सीजन व पोषक तत्व सही मात्रा में नहीं पहुंच पाते हैं. इससे टिश्यू रिपेयर की प्रक्रिया धीमी हो जाती है.

Zoom

ब्लड शुगर हाई होने की वजह से शरीर का रिपेयरिंग सिस्टम प्रभावित होता है और घाव देरी से भरते हैं.

Diabetes and Wound Healing: डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखना बहुत जरूरी है. शुगर लेवल अनकंट्रोल होने से शरीर के अन्य ऑर्गन्स पर बुरा असर पड़ता है. डायबिटीज की बीमारी शरीर के कई महत्वपूर्ण कामकाज को प्रभावित करती है. अक्सर देखा जाता है कि शुगर के मरीजों को छोटी-सी चोट भी लग जाए, तो उसे हील होने में लंबा वक्त लगता है. डायबिटीज के मरीजों के घाव बहुत देर से भरते हैं और कई बार घाव गंभीर हो जाते हैं, जिससे मरीज की जान चली जाती है. अब सवाल है कि शुगर के मरीजों के घाव जल्दी क्यों नहीं भरते हैं? चलिए डॉक्टर से इसकी वजह जान लेते हैं.

गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. पारस अग्रवाल ने News18 को बताया हाई ब्लड शुगर लेवल घाव भरने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है. जब शरीर में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा होती है, तो यह ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है. सही तरीके से खून का प्रवाह न होने पर घाव तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते, जिससे नई कोशिकाएं बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों में जख्म भरने में ज्यादा समय लगता है. डायबिटीज में इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है, जिससे शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता घट जाती है. ऐसे में बैक्टीरिया आसानी से घाव में प्रवेश कर जाते हैं और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि कई मामलों में साधारण घाव भी गंभीर संक्रमण में बदल जाता है. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह स्थिति सीवियर हो सकती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉक्टर ने बताया कि डायबिटीज की वजह से शरीर की नसें डैमेज होने लगती हैं. इस कंडीशन को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है. इस स्थिति में मरीज को चोट या घाव का अहसास देर से होता है. कई बार चोट लगने के बाद भी दर्द महसूस नहीं होता, जिससे समय पर इलाज नहीं हो पाता और घाव बिगड़ने लगता है. खासकर पैरों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है. अगर डायबिटीज के मरीजों के पैर या शरीर के किसी भी हिस्से पर घाव हो जाए, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलकर ट्रीटमेंट कराना चाहिए. छोटी समस्या भी शुगर के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है.

एक्सपर्ट ने बताया कि डायबिटीज के मरीज अपना ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखेंगे, तो इससे घाव भरने में मदद मिलेगी और हीलिंग प्रोसेस तेज हो जाएगी. डायबिटिक पेशेंट्स रोजाना अपने पैरों और शरीर की जांच करें. किसी भी कट या चोट को नजरअंदाज न करें. घाव होने पर तुरंत साफ-सफाई रखें, एंटीसेप्टिक का उपयोग करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें. सही खान-पान, नियमित व्यायाम और दवाइयों का समय पर सेवन भी घाव भरने में मदद करता है. यह समझना जरूरी है कि डायबिटीज में घाव का देर से भरना एक गंभीर समस्या है. थोड़ी सी लापरवाही बड़े खतरे का कारण बन सकती है.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img