तेहरान: ईरान के साथ जारी ‘इस्लामाबाद शांति वार्ता’ की कोशिशों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर अचानक बदलते दिख रहे हैं. ‘आज ही डील साइन होगी’ का दावा करने वाले ट्रंप ने अब एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखकर सबको चौंका दिया है. ट्रंप ने साफ कह दिया है कि उन्हें समझौते की कोई जल्दबाजी नहीं है और वे किसी भी ‘दबाव’ में आकर घटिया डील साइन नहीं करेंगे. ट्रंप के बदले बयानों और तेवरों की वजह से अमेरिका की राजनीति में भूचाल मचा हुआ है.
‘वर्ल्ड वॉर सालों चले, तो ईरान के लिए जल्दबाजी क्यों’; ट्रंप
ट्रंप ने अपने ताजा बयान में दुनिया को इतिहास का पाठ पढ़ाया. उन्होंने प्रथम और सेकेंड वर्ल्ड वॉर से लेकर वियतनाम तक के दिनों की गिनती गिनाई.
ट्रंप का गणित: उन्होंने लिखा कि ‘प्रथम विश्व युद्ध 4 साल चला, दूसरा विश्व युद्ध 6 साल से ज्यादा चला, वियतनाम युद्ध 19 साल खिंचा… तो डेमोक्रेट्स ये कैसे कह सकते हैं कि मैंने 6 हफ्ते में ईरान को हराने का वादा किया था?’
सफाई: ट्रंप ने दावा किया कि सैन्य दृष्टिकोण से ईरान को हराना बहुत तेज रहा लेकिन वे अमेरिका को एक ऐसी डील की ओर नहीं धकेलने देंगे जो अमेरिका के हक में न हो.
‘मुझ पर कोई दबाव नहीं, गद्दारों की बात नहीं सुनूंगा’: US राष्ट्रपति
विपक्ष (डेमोक्रेट्स) के ’25वें संशोधन’ और मानसिक स्थिति पर उठाए जा रहे सवालों पर ट्रंप ने जमकर हमला बोला.
गद्दार करार: ट्रंप ने डेमोक्रेट्स को ‘कायर’ और ‘गद्दार’ बताते हुए कहा कि जो लोग सालों से ईरान के खतरे की बात करते थे, आज जब मैं उसे खत्म कर रहा हूं तो वे मेरे सैन्य ऑपरेशन्स को कमतर दिखा रहे हैं.
कोई प्रेशर नहीं: ट्रंप ने ‘फेक न्यूज’ को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘मुझ पर डील करने का कोई दबाव नहीं है. वक्त मेरा दुश्मन नहीं है. जरूरी ये है कि हम 47 साल पुराने इस मसले को हल करें जिसे पिछले राष्ट्रपतियों ने अपनी कमजोरी से पैदा किया’.
वेनेजुएला जैसा होगा ‘रिजल्ट’
ट्रंप ने एक बार फिर वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए कहा कि ईरान का ऑपरेशन भले ही बड़ा और जटिल है, लेकिन नतीजा वैसा ही होगा.
सैन्य ताकत: उन्होंने गर्व से कहा कि अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने दुनिया की सबसे महान सेना और ‘स्पेस फोर्स’ बनाई, और अब वे उसी सेना का इस्तेमाल उन समस्याओं को सुलझाने में कर रहे हैं जो कम अक्ल वाले राष्ट्रपतियों ने छोड़ी थीं. ट्रंप का साफ संदेश है कि वे ‘सही समय’ पर ही समझौता करेंगे, चाहे इसमें थोड़ा और वक्त क्यों न लगे.
ट्रंप का ‘फॉक्स न्यूज’ पर धमाका: ‘आज रात साइन होगी डील’
इस बयान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में एक तरह से जीत का ऐलान कर दिया था. ट्रंप ने कहा था कि, ‘इस्लामाबाद में आज रात समझौता साइन हो सकता है’. उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि ईरान पीछे हटता है तो वे ईरान के हर पावर प्लांट और पुल को उड़ाने में संकोच नहीं करेंगे.
वेंस का मिशन: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ के साथ इस्लामाबाद पहुंचने वाले हैं. ट्रंप ने सुरक्षा कारणों से खुद न जाकर वेंस को ‘डील मेकर’ बनाकर भेजा है.
तेहरान का सस्पेंस: ‘हां’ और ‘ना’ के बीच झूलती पीस-टॉक
ईरान की ओर से आ रहे संकेत दुनिया को उलझा रहे हैं. ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सुबह कहा कि वार्ता के लिए फिलहाल कोई योजना नहीं है और वे ‘किसी भी कीमत पर’ बातचीत नहीं करेंगे. हालांकि, कुछ घंटों बाद ही एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से खबर आई कि तेहरान इस बैठक में शामिल होने पर ‘सकारात्मक विचार’ कर रहा है.
होर्मुज की नाकेबंदी और ‘सीजर’ ऑपरेशन
उधर समंदर में तनाव कम होने के बजाय बढ़ गया है. अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज की खाड़ी में नाकेबंदी तोड़ रहे एक ईरानी मालवाहक जहाज ‘तौस्का’ को मरीन ऑपरेशन्स के जरिए जब्त कर लिया है. ईरान ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया है और चेतावनी दी है कि वे इसका बदला लेंगे. होर्मुज का रास्ता बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें फिर से उछाल मार रही हैं.
घर में घिरे ट्रंप: ’25वें संशोधन’ की गूंज
जहां एक तरफ ट्रंप ईरान से डील की बात कर रहे हैं, वहीं अमेरिका के भीतर उनके खिलाफ ‘विद्रोह’ जैसी स्थिति है.
मानसिक स्थिति पर सवाल: डेमोक्रेटिक सांसदों और पूर्व सीआईए निदेशक जॉन ब्रेनन ने ट्रंप को ‘अस्थिर’ बताते हुए 25वें संशोधन के जरिए उन्हें पद से हटाने की मांग की है.
वजह: आरोप है कि ट्रंप उस वक्त बेकाबू हो गए थे जब ईरान ने अमेरिका का फाइटर जेट गिरा दिया था और पायलट लापता हो गए थे. उस वक्त उन्हें रेस्क्यू मिशन से दूर कर दिया गया था क्योंकि वो पैनिक होकर मिशन पर निगेटिव असर डाल रहे थे. इसके बाद वो वेस्ट विंग में स्टाफ पर चिल्लाए थे.





