Last Updated:
Side Effect of Too Much Water : चिलचिलाती गर्मी में अक्सर आपको हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी जाती है. लोग ज्यादा पानी पीने ही लगते हैं लेकिन कहा जाता है कि अति सर्वत्र वर्ज्यते. ज्यादा कुछ भी चीज नुकसानदेह है. अगर आप जरूरत से ज्यादा पानी पिएंगे तो इससे किडनी पर लोड तो बढ़ेगा ही साथ ही इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस भी गड़बड़ हो सकता है. इससे कई तरह के नुकसान भी हो सकते हैं.
अति हर चीज की बुरी होती है. इसलिए बिना प्यास के जबरदस्ती पानी पीने का क्या फायदा. लेकिन कुछ लोग गर्मी आते ही बहुत ज्यादा पानी पीने लगते हैं. बेशक पानी हमारे लिए जीवन है लेकिन ज्यादा पानी पीना सेहत के लिए अच्छा नहीं है. ज्यादा पानी पीने से आपको अस्पताल भी पहुंचा सकता है. मेडिकल साइंस में इसे ओवर-हाइड्रेशन कहा जाता है. जब आप बिना प्यास लगे सिर्फ इसलिए पानी पीते हैं क्योंकि आपको लगता है कि यह शरीर को साफ करेगा, तो असल में आप अपनी किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे होते हैं.

हम जो पानी पीते हैं वो हमारे शरीर के लिए वरदान है. लेकिन अगर हम जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं तो ये ‘अभिशाप’ बन जाता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर सिराज सिद्दीकी कहते हैं जब हम बहुत ज्यादा पानी पीते हैं तो इसका असर सीधा किडनी पर पड़ता है. किडनी का मुख्य काम शरीर के वेस्ट और टॉक्सिन्स को छानकर बाहर निकालना है. अगर हम लिमिट से ज्यादा पानी पीते हैं तो उस ज्यादा लिक्विड को प्रोसेस करने के लिए किडनी पर बहुत दबाव पड़ता है. इस दबाव की वजह से किडनी ठीक से अपना काम नहीं कर पाती, जिससे शरीर के जहरीले पदार्थ बाहर नहीं जा पाते और अंदर ही रह जाते हैं.

क्या आप जानते हैं कि अपने वजन के हिसाब से कितना पानी पीना चाहिए? डॉक्टर सिराज ने बताया कि कितना पानी पीना है, ये आपकी उम्र और शारीरिक वजन पर निर्भर करता है. इसके लिए उन्होंने एक आसान फॉर्मूला बताया है. 9 से 13 साल के बच्चों के लिए रोज़ करीब 2 लीटर पानी पीना काफी है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

बड़ों के लिए, शरीर के हर एक किलो वजन पर 30 से 35 मिलीलीटर पानी लेना सही माना जाता है. अगर आपका वजन 40 किलो है, तो आपको रोज़ 2 लीटर पानी काफी है. या अगर आपका वजन 80 किलो तक है, तो आपको रोज़ 3 लीटर पानी पीना चाहिए.

इसके अलावा, जो लोग धूप में ज्यादा घूमते हैं या ज्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं, वे अपनी जरूरत के हिसाब से आधा लीटर पानी और ले सकते हैं. लेकिन बिना प्यास लगे लीटरों में पानी पीना खतरनाक है.

जरूरत से ज्यादा पानी पीने से सबसे बड़ा खतरा ‘हाइपोनेट्रेमिया’ नाम की बीमारी है. जब खून में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तब शरीर में सोडियम का स्तर खतरनाक तरीके से गिर जाता है. सोडियम हमारे शरीर की कोशिकाओं के अंदर और बाहर मौजूद तरल पदार्थों को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाता है.

जब सोडियम का स्तर गिर जाता है, तब शरीर की कोशिकाओं में सूजन आना शुरू हो जाती है. यह स्थिति दिमाग और दूसरे अंदरूनी अंगों के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है. कभी-कभी यह जानलेवा भी बन सकती है. क्योंकि इससे इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस गड़बड़ा जाता है. इसलिए पानी आपके शरीर को जितनी जरूरत हो, उतना ही पीना चाहिए.

पानी जीवन के लिए जरूरी है, लेकिन तभी जब वह सीमित मात्रा में हो. गर्मी में भी अपने शरीर के स्वभाव और वजन के हिसाब से ही पानी पिएं. आयुर्वेद के अनुसार, प्यास लगने पर ही पानी पीना चाहिए और वह भी बैठकर छोटे-छोटे घूंट में पीना सबसे अच्छा है. विशेषज्ञों द्वारा बताए गए इन नियमों को अपनाकर स्वस्थ रहें.





