Iran-US Conflict: कब-कब ट्रंप ने बाजार को हिलाया है? क्या ‘इनसाइडर ट्रेडिंग’ के ट्रैप में अमेरिकी राष्ट्रपति?
Iran-US Conflict: कब-कब ट्रंप ने बाजार को हिलाया है? क्या ‘इनसाइडर ट्रेडिंग’ के ट्रैप में अमेरिकी राष्ट्रपति?
Iran-US Conflict: अमेरिका, मिडिल ईस्ट और वैश्विक बाजारों में इस समय एक बड़ा आर्थिक और राजनीतिक तूफान देखने को मिल रहा है, जहां युद्ध के बढ़ते खर्च, मुआवज़े की मांगें और शेयर बाजार में कथित इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध के चलते अमेरिका पर भारी आर्थिक दबाव बढ़ रहा है क्योंकि रोज़ाना अरबों डॉलर का खर्च सामने आ रहा है, वहीं इज़राइल ने अब तक करीब 11 अरब डॉलर खर्च किए हैं और ईरान की ओर से 270 अरब डॉलर के मुआवज़े की मांग भी सामने आई है. इसी बीच यूएई की आर्थिक मांगों और क्षेत्रीय भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. दूसरी तरफ, शेयर बाजार में संदिग्ध गतिविधियों ने विवाद को और गहरा कर दिया है, जहां आरोप हैं कि राजनीतिक बयानों और नीतिगत फैसलों से पहले बड़े पैमाने पर ट्रेडिंग की गई और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से कुछ निवेशकों ने भारी मुनाफा कमाया. मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान ईरान से जुड़े बयानों और सीजफायर घोषणाओं से पहले करोड़ों डॉलर के दांव लगाए जाने की बात सामने आई है, जिससे इनसाइडर ट्रेडिंग की आशंका और मजबूत हुई है. इन मामलों में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन पर भी सवाल उठे हैं, और अमेरिकी सीनेटरों ने इसकी जांच की मांग की है, जबकि CFTC जैसी रेगुलेटरी एजेंसियां भी इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं.





