अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन को विशेष रूप से इस तरह से डिजाइन किया गया था, ताकि गहरे अंतरिक्ष के वातावरण में स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान का कठोर परीक्षण किया जा सके, और वह भी तब जब उसमें अंतरिक्ष यात्री सवार हों। चंद्रमा के पास से गुजरना इस परीक्षण का अहम हिस्सा था, जिससे भविष्य के मिशनों की तैयारी को परखा जा सके।
नासा की अधिकारी डॉ. लॉरी ग्लेज ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि एजेंसी लगातार नई सीमाओं को पार करने के लिए काम कर रही है। वहीं, अंतरिक्ष यात्री हैनसेन ने कहा कि यह मिशन पुराने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और यात्रियों की विरासत को सम्मान देता है और खोज के एक नए दौर की शुरुआत करता है।
आर्टेमिस II मिशन को नासा के उस बड़े लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें चंद्रमा पर लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी है। यह मिशन आने वाले और भी बड़े अंतरिक्ष अभियानों की नींव तैयार करता है।





