Trump be Removed as US president : 25th Amendment Explained | क्या पद से हटाए जा सकते हैं ट्रंप, क्या है 25वां संशोधन


वॉशिंगटन: ट्रंप इस वक्त ईरान को तबाह करने के लिए अपना राष्ट्रपति पद तक दांव पर लगा चुके हैं. उन्होंने ईरान में ‘एक पूरी सभ्यता खत्म’ करने की धमकी देकर लोगों का गुस्सा और भड़का दिया है. अमेरिका में उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाए जाने की मांग और तेज हो गई है. हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस सदस्य रशीदा तलैब ने 25वें संशोधन का जिक्र करते हुए कहा है कि ‘युद्ध अपराधी’ को पद से हटाने का वक्त आ गया है. अब सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाना पॉसिबल है?

कांग्रेस सदस्य ने की ट्रंप को पद से हटाने की मांग

अमेरिकी कांग्रेस सदस्य रशीदा तलैब ने एक्स पर ट्रंप के उस पोस्ट पर जवाब दिया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि ‘आज रात एक सभ्यता का अंत हो जाएगा और इस अंत से वापसी नहीं की जा सकेगी’. ट्रंप के इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए रशीदा ने लिखा- ‘स्कूल पर बमबारी और छोटी बच्चियों के नरसंहार के बाद, व्हाइट हाउस में बैठा युद्ध अपराधी अब एक और नरसंहार की धमकी दे रहा है. अब 25वां संशोधन लागू करने का समय आ गया है. इस पागल को पद से हटाया जाना चाहिए’.

क्या है US का 25वां संशोधन?

अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन कानून राष्ट्रपति को पद से हटाने की एक प्रक्रिया है. अगर राष्ट्रपति अपनी शक्तियों और कर्तव्यों का पालन करने में शारीरिक या मानसिक रूप से असमर्थ हों. उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत को लिखित में देना होता है कि राष्ट्रपति पद संभालने के लायक नहीं हैं. अमेरिकी इतिहास में आज तक किसी भी राष्ट्रपति को इस संशोधन के जरिए जबरन पद से नहीं हटाया गया है. इसे 1967 में तब लाया गया था जब राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या के बाद उत्तराधिकार को लेकर स्पष्टता की जरूरत महसूस हुई. इसके चार मुख्य सेक्शन्स हैं लेकिन घमासान हमेशा धारा 4 को लेकर होता है.
  • सेक्शन 1 और 2: अगर राष्ट्रपति की मौत हो जाए या वो इस्तीफा दे दें तो उपराष्ट्रपति तुरंत राष्ट्रपति बन जाएंगे.
  • सेक्शन 3: अगर राष्ट्रपति खुद लिख कर दें कि वे बीमार हैं या सर्जरी के कारण काम नहीं कर सकते, तो कुछ समय के लिए जिम्मेदारी उपराष्ट्रपति को मिल जाती है.
  • सेक्शन 4 : यह तब इस्तेमाल होता है जब राष्ट्रपति काम करने के लायक न हों, लेकिन वे खुद पद छोड़ने को तैयार न हों.

कैसे हटाए जा सकते हैं ट्रंप?

रशीदा तलैब जिस ’25वें संशोधन’ की बात कर रही हैं, उसे लागू करना दुनिया की सबसे कठिन राजनीतिक प्रक्रियाओं में से एक है. इसके लिए ये कदम जरूरी हैं:

उपराष्ट्रपति की रजामंदी: सबसे पहले उपराष्ट्रपति (जेडी वेंस) को कैबिनेट के बहुमत (मंत्रियों) के साथ मिलकर संसद को लिखित में देना होगा कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हैं.

पद का ट्रांस्फर: जैसे ही यह पत्र सौंपा जाता है, उपराष्ट्रपति तुरंत ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’ बन जाते हैं.

राष्ट्रपति की चुनौती: अगर राष्ट्रपति ट्रंप लिखित में यह कहते हैं कि वो पूरी तरह ठीक हैं और काम कर सकते हैं, तो वो अपनी शक्तियां वापस ले सकते हैं.

संसद का अंतिम फैसला: अगर उपराष्ट्रपति और कैबिनेट फिर भी सहमत नहीं होते, तो मामला संसद में जाता है. वहां दो-तिहाई (2/3) बहुमत से वोटिंग होनी चाहिए कि राष्ट्रपति को हटाया जाए.

क्यों नामुमकिन जैसा है?

तलैब की मांग के बावजूद ट्रंप को इस तरीके से हटाना लगभग असंभव माना जा रहा है, इसके पीछे कुछ ठोस कारण हैं-

वफादारी: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रंप की कैबिनेट उनके प्रति बेहद वफादार मानी जाती है. वो खुद अपने ही राष्ट्रपति के खिलाफ बगावत करेंगे, इसकी संभावना ना के बराबर है.

अक्षमता की परिभाषा: 25वां संशोधन मुख्य रूप से ‘शारीरिक या मानसिक बीमारी’ के लिए है. राजनीतिक फैसलों या युद्ध की स्थिति को ‘अक्षमता’ साबित करना कानूनी रूप से बहुत मुश्किल है.

राजनीतिक जोखिम: दो-तिहाई बहुमत जुटाना किसी भी पार्टी के लिए आसान नहीं है, खासकर तब जब देश युद्ध जैसी स्थिति के मुहाने पर खड़ा हो.

क्या कहता है अमेरिका का इतिहास?

अमेरिकी इतिहास में आज तक कभी भी धारा 4 का इस्तेमाल किसी राष्ट्रपति को जबरन हटाने के लिए नहीं किया गया है. हालांकि, ट्रंप के पिछले कार्यकाल और अब 2026 के तनाव के बीच भी इसकी मांग उठी थी, लेकिन यह कभी हकीकत नहीं बन पाई.



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