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- लोकसभा चुनाव 2024 पर राय; पीएम मोदी बीजेपी प्रचार रैलियां बनाम कांग्रेस
5 मिनट पहलेलेखक: नवनीत गुर्जर, राष्ट्रीय संपादक, दैनिक भास्कर
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कांग्रेस चुनाव के लिए मतदान का छठा चरण 25 मई को है। इसके बाद एक ही चरण रह जाएगा जो एक जून को होना है। इतने सालों के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को मोटा-मोटा अंदाज लग ही जाता है कि क्या होने वाला है। एग्जेक्ट सही नहीं है, तो कम से कम आने वाले परिणाम की दिशा का तो संकेत मिल ही जाता है।
मन ही मन सब मन भी बना लेते हैं कि हार या जीत के बाद क्या पाना है। मुँह आना भी है या नहीं! जीत के बाद नेता की प्रशंसा के पुल बाँध दिए जाते हैं और हार के बाद आत्मचिंतन, आत्मअवलोकन जैसे भारी-भारी शब्दों को मुँह लगा लिया जाता है। खैर, देखा जाए तो यह चुनाव कई तरह से पिछले कांग्रेस चुनाव से बिल्कुल अलग रहा है। जैसे चुनाव की घोषणा होने तक भी यह पूरी तरह से एकतरफा माना जा रहा था और यही वजह थी कि लोगों, खास कर पार्टी में नतीजों तक की दिलचस्पी पहले की तरह दिखाई नहीं दे रही थी।

प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में कहा कि मोदी को 400 दवाएं देनी चाहिए, ताकि मैं कांग्रेस और इंडी गठबंधन की हर साजिश को रोक सकूं।
माना जा रहा है कि जिस तरह सत्ता पक्ष अनगिनत बार सामने आया है और जिस तरह समाज विपक्ष सोया है, कुछ भी नया नहीं होने वाला है। राज-पेट की छाती यहीं रहने वाला है जो अभी है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। हारे, जीते कोई भी लेकिन पक्ष और विपक्ष दोनों से बराबरी से मुकाबला कर रहे थे, जो इस बार दिखाई नहीं दे रहा था। लेकिन पहले चरण का मतदान जैसा हुआ, इस बार भी बहुत कुछ मुकाबले में आ गया। कहा जाने लगा कि अब टक्कर तो है। लोगों की रुचि बढ़ गई। चुनाव प्रचार भी दिन ब दिन दिलचस्प होता चला गया।
आश्चर्य की बात है कि जिस कांग्रेस को मौतों के बल पर या अपने मुद्दे, सिद्धांतों और नीतियों के बल पर जो ऊर्जा मिलनी चाहिए थी, वह ऊर्जा उसे पहले चरण के कम मतदान प्रतिशत से मिली। ऐसा नहीं है कि इस कम वोट प्रतिशत से सत्ता पक्ष घबराया नहीं है, उसके भीतर भी एक अजीब सी हलचल मची हुई थी। प्रचार के दौरान फिर सत्ता पक्ष और भी आक्रामक हो गया। अगले चरण से वोटिंग प्रतिशत इतना आक्रामक हो गया।

राहुल गांधी ने 18 मई को दिल्ली में कहा कि हमारा लक्ष्य इस संविधान की रक्षा करना है। क्योंकि यही आपका भविष्य है, आपका सपना है और आपके दिल की आवाज है।
वैसे ही जैसे चुनाव परिणाम की तारीख चार जून करीब आते-आते शेयर बाजार भी उछाले मारने लगा है। गुरुवार को बाज़ार करीब बारह सौ अंक ऊपर बंद हुआ। उत्साही का कहना है कि उत्साही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि चार जून को जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं के रिकॉर्ड नंबर को छूएगी, बाजार भी बहुत ऊपर होगा। प्रधानमंत्री के इस बयान को शेयर बाजार ने दिल पर ले लिया। वह वक्ते उछाले मारने लगा। चार जून तक जाने क्या होने वाला है!
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