Iran-US War: Pentagon Report| Iran News| ईरान युद्ध की तैयारी में था पेंटागन तभी अंदर ही अंदर हुआ अरबों का खेल 32 दिन की जंग में प्रॉफिट किसका


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Defence Scam in United States: एक तरफ तो डोनाल्ड ट्रंप ईरान जंग में फंसे हुए हैं और इससे जल्द से जल्द बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ अब अंदरूनी तौर पर भी उनकी सरकार घिरती हुई नजर आ रही है. खासतौर पर फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट ने हड़कंप मचा दिया है, जो ईरान युद्ध के पहले अमेरिका में अरबों के खेल का दावा कर रही है.

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अमेर‍िका के ड‍िफेंस सच‍िव पीट हेगसेथ…

Iran-US War News: ईरान युद्ध के बीच अमेरिका में एक नया बवाल सामने आ गया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का नाम एक ऐसे मामले में सामने आ रहा है, जो उनकी छवि को बिगाड़ सकता है. रिपोर्ट्स बता रही हैं कि पीट हेगसेथ के एक ब्रोकर ने फरवरी महीने में ब्लैकरॉक नाम की बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी से संपर्क किया था. उन्होंने हेगसेथ की तरफ से डिफेंस से जुड़े एक एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में कई करोड़ डॉलर का निवेश करने की बात की थी. ये वही समय था, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहे थे. अब ये रिपोर्ट ग्लोबल मीडिया पर छाई हुई है और रक्षा मंत्री घिरते हुए नजर आ रहे हैं.

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रोकर ने मॉर्गन स्टैनली के जरिए ब्लैकरॉक के डिफेंस इंडस्ट्रियल्स एक्टिव ETF में पैसा लगाने का प्रस्ताव दिया. यह फंड उन कंपनियों में निवेश करता है जो दुनिया भर में बढ़ते रक्षा खर्च, सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और मिलिट्री टेक्नोलॉजी से फायदा उठा रही हैं. ब्लैकरॉक के अंदर इस बात को खास तौर पर नोट किया गया क्योंकि क्लाइंट बहुत हाई-प्रोफाइल था. रिपोर्ट में तीन सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ब्रोकर ने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच डिफेंस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में एक्सपोजर चाहा था, लेकिन निवेश आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि उस समय यह ETF मॉर्गन स्टैनली के ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ही नहीं था.

क्या है ये पूरा मामला?

दरअसल फंड की शुरुआत मई, 2025 में हुई थी. रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया कि बाद में कोई दूसरा डिफेंस निवेश विकल्प देखा गया या नहीं, इसका जिक्र नहीं है. ब्लैकरॉक का यह डिफेंस ETF अभी करीब 3.2 बिलियन डॉलर यानि लगभग 27,000 करोड़ रुपये का मैनेजमेंट कर रहा है. इसके टॉप होल्डिंग्स में अमेरिकी रक्षा की बड़ी कंपनियां जैसे RTX, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन और डेटा एनालिटिक्स कंपनी पलांटिर शामिल हैं. ये सभी कंपनियां अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ बड़े-बड़े कॉन्ट्रैक्ट करती हैं. ऐसे में ईरान हमले से ठीक पहले इस तरह का मोटा पैसा इनवेस्ट करने का मतलब ये है कि युद्ध से फायदा उठाने की भूमिका पहले ही तय हो चुकी थी.

पीट हेगसेथ.

क्या कह रहा है पेंटागन?

  1. पेंटागन ने रिपोर्ट को पूरी तरह झूठा और गढ़ा हुआ बताया है. पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने एक्स पर बयान जारी करके कहा है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह फर्जी और बनावटी है. इतना ही नहीं उन्होंने इस रिपोर्ट को छापने वाले अखबार फाइनेंशियल टाइम्स से तुरंत सुधार की भी मांग की है.
  2. रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि ब्रोकर को हेगसेथ की तरफ से कितनी छूट दी गई थी या रक्षा मंत्री खुद इस प्रस्ताव के बारे में जानते थे या नहीं. ये भी नहीं बताया गया है कि मामले में कोई लेन-देन आखिरकार हुआ ही नहीं.
  3. यह घटना उस समय सामने आई है जब ट्रंप प्रशासन की बड़ी नीतिगत घोषणाओं से पहले बाजार में ट्रेडिंग गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. कई बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जियो पॉलिटिकल हलचल पहले कुछ निवेशकों ने अपनी पोजीशन बना ली थी, ये रक्षा मामले में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाने वाला है.
  4. एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड इन दिनों संस्थागत निवेशकों और अमीर लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं क्योंकि इनमें फीस कम लगती है, टैक्स बचता है और शेयरों की तरह आसानी से खरीद-बिक्री की जा सकती है. हालांकि हर ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म पर हजारों ETF उपलब्ध नहीं होते, इसलिए कभी-कभी निवेश का समय प्रभावित हो जाता है. फिलहाल इस पूरे मामले पर और जानकारी आने का इंतजार है.

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Prateeti Pandey

News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें



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