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नवरात्री के आखिरी दिन माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए उमड़े हुजूम को देखते हुए शनिवार को यात्रा पर रोक लगा दी गई थी. श्राइन बोर्ड ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार से श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए जरूरी आई-कार्ड दिया जाने लगेगा. दरअसल, एक बार में 45000 लोगों के पहुंचने की वजह से बोर्ड ने यात्रा पर रोक लगा दी थी.
शनिवार को भारी भीड़ को देखते हुए वैष्णों देवी यात्रा को रोक दी गई.
Vaishno Devi Yatra: चैत्र नवरात्रि माता वैष्णों देवी की दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. भीड़ को देखते हुए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कटरा से भवन की ओर जाने वाली यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है. शनिवार शाम तक श्रद्धालुओं की संख्या 45,000 के पार पहुंचने, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए नए पंजीकरण (यात्रा पर्ची) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला भवन और यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है. वर्तमान में कटरा पहुंचे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों और होटलों में ही ठहरने की सलाह दी गई है ताकि आधार शिविर पर दबाव कम किया जा सके.
प्रशासन के अनुसार, यात्रा कल यानी रविवार सुबह से पुनः सुचारू रूप से शुरू की जाएगी. श्रद्धालुओं के लिए नए आरएफआईडी (RFID) कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी कल सुबह से ही बहाल होगी, जिसके बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी. पुलिस और श्राइन बोर्ड के कर्मचारी लगातार घोषणाएं कर यात्रियों को वर्तमान स्थिति की जानकारी दे रहे हैं. बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें. कल सुबह पंजीकरण खुलने के साथ ही प्राथमिकता के आधार पर यात्रियों को दर्शन के लिए रवाना किया जाएगा.
नवरात्री के शुरुआत में भी रोकी गई यात्रा
इसके अलावे बीते नवरात्री के दौरान शनिवार और सोमवार को भारी भीड़ को देखते हुए माता वैष्णो देवी की यात्रा थोड़ी देर के लिए रोकनी पड़ी. 21 मार्च को बहुत ज्यादा भक्तों के मंदिर पहुंचने के बाद तीर्थयात्रा कुछ समय के लिए रोक दी गई थी. अधिकारियों ने कहा कि एक ही दिन में लगभग 39,000 तीर्थयात्री पहुंच गए थे. स्थिति कंट्रोल में होने के बाद, 23 मार्च को सुबह करीब 4 बजे यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन फिर से शुरू किया था. अधिकारियों ने पहले भीड़ बढ़ने की वजह से तय समय से कुछ घंटे पहले प्रोसेस रोक दिया था. थोड़ी देर रुकने के बावजूद, यात्रा पूरी रात कंट्रोल में चलती रही.
नवरात्रि की भीड़ से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी
श्रद्धालुओं की संख्या में यह बढ़ोतरी ज़्यादातर चैत्र नवरात्रि की वजह से ज्यादा थी. 19 मार्च से शुरू हुई यात्रा और 27 मार्च तक चली. हालांकि, शुक्रवार को नवरात्रि का आखिरी दिन था, जिसकी वजह से शनिवार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए थे. पिछले कुछ दिनों में अब तक लगभग एक लाख भक्तों ने मंदिर में पूजा की है. हजारों और लोग कटरा पहुंच रहे हैं. त्रिकुटा पहाड़ियों के ऊपर मंदिर तक जाने वाले ट्रेकिंग रूट पर ‘जय माता दी’ के नारे गूंज रहे हैं.
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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें





