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Flight VS Road Trip: आजकल जब कोई परिवार या दोस्त अचानक वीकेंड पर कहीं घूमने का प्लान बनाता है, तो सबसे पहले चर्चा गाड़ी और पेट्रोल-डीजल के खर्च पर आकर अटक जाती है. पहले जहां रोड ट्रिप को सबसे सस्ता और मजेदार तरीका माना जाता था, अब वही सफर धीरे-धीरे जेब पर भारी पड़ने लगा है. पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने लंबी दूरी की यात्रा को एक नया गणित दे दिया है. कई लोग अब यह सोचने लगे हैं कि क्या सच में हर बार कार से जाना समझदारी है या फिर कुछ हालातों में फ्लाइट लेना ज्यादा सस्ता और आरामदायक साबित हो सकता है. खासकर 500 किलोमीटर से ज्यादा की यात्राओं में यह सवाल और भी अहम हो जाता है, जहां समय और पैसे दोनों की बचत दांव पर होती है.
पेट्रोल-डीजल का बढ़ता बोझ और बदलता ट्रैवल ट्रेंड भारत में पिछले कुछ वर्षों में ईंधन की कीमतों ने लगातार ऊपर की ओर रुख किया है. इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ा है जो अक्सर रोड ट्रिप पर निकलते हैं. पहले लोग बिना सोचे-समझे गाड़ी निकाल लेते थे, लेकिन अब हर किलोमीटर का हिसाब लगाया जाता है.

लंबी दूरी का सफर अब पहले जैसा सस्ता नहीं अगर आप दिल्ली से कोलकाता या मुंबई से वाराणसी जैसी लंबी दूरी तय कर रहे हैं, तो केवल पेट्रोल ही नहीं, टोल टैक्स और खाने-पीने का खर्च भी जुड़ जाता है. कई बार रास्ते में रुकना पड़ता है, जिससे होटल और आराम का खर्च और बढ़ जाता है. कुल मिलाकर एक सिंगल कार ट्रिप कई बार फ्लाइट टिकट से भी महंगी साबित हो सकती है. कब फ्लाइट बन जाती है सस्ता और स्मार्ट ऑप्शन? आज की तारीख में अगर आप अकेले यात्रा कर रहे हैं, तो कई मामलों में फ्लाइट लेना ज्यादा समझदारी भरा फैसला हो सकता है.

500-700 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर बदलता गणित अगर दूरी 500 से 700 किलोमीटर से अधिक है, तो ईंधन, टोल और समय तीनों का खर्च जोड़कर देखा जाए, तो फ्लाइट कई बार सस्ती और तेज निकलती है. उदाहरण के लिए दिल्ली से कोलकाता की यात्रा कार से लगभग 20-24 घंटे ले सकती है, जबकि फ्लाइट से यह सफर सिर्फ 2-3 घंटे में पूरा हो जाता है.
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अकेले ट्रैवल करने वालों के लिए बड़ा फर्क जब आप अकेले यात्रा कर रहे होते हैं, तो पूरा खर्च आपकी जेब से जाता है. ऐसे में फ्लाइट का इकोनॉमी टिकट कई बार कार चलाने से सस्ता पड़ जाता है, खासकर जब आप समय की कीमत भी जोड़ते हैं. कब रोड ट्रिप अभी भी सबसे सस्ता और मजेदार विकल्प है? हालांकि सारी बातें फ्लाइट के पक्ष में नहीं जातीं. रोड ट्रिप का अपना अलग मजा है, और कुछ परिस्थितियों में यह अब भी सबसे किफायती विकल्प है.

ग्रुप ट्रैवल में बड़ी बचत अगर आप 3-4 दोस्तों या परिवार के साथ सफर कर रहे हैं, तो पेट्रोल और टोल का खर्च सभी में बंट जाता है. इससे प्रति व्यक्ति लागत काफी कम हो जाती है, जो कई बार फ्लाइट से भी सस्ती पड़ती है.

छोटी दूरी की यात्रा में कार ही बेस्ट दिल्ली से जयपुर या बेंगलुरु से मैसूर जैसी छोटी दूरी की यात्राओं में कार सबसे बेहतर विकल्प है. यहां आप अपनी सुविधा के हिसाब से रुक सकते हैं, खाना खा सकते हैं और बिना किसी टाइम लिमिट के यात्रा का आनंद ले सकते हैं.

बदलती सोच: सफर अब सिर्फ दूरी नहीं, खर्च का भी खेल है आज यात्रा सिर्फ घूमने का नाम नहीं रह गया है, बल्कि यह एक स्मार्ट फाइनेंशियल डिसीजन बन चुका है. लोग अब टिकट, पेट्रोल, समय और सुविधा सबको जोड़कर फैसला लेते हैं. यही वजह है कि कई बार वही लोग जो पहले रोड ट्रिप के दीवाने थे, अब फ्लाइट को प्राथमिकता देने लगे हैं.





